पदमेश न्यूज़,बालाघाट।नौतपा समाप्त होने के बाद अमूमन जून माह में होने वाली बारिश, इस वर्ष नदारत सी हो गई है।हालांकि जून माह में कभी कभार तेज आंधी तूफान के साथ बारिश तो हो रही है।लेकिन उम्मीद के मुताबिक बारिश ना होने से जिलेवासी मायूस है।वही अच्छी बारिश ना होने के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही है।वही नौतपा समाप्त होने के बाद भी लगातार बढते तापमान के बीच कभी कभार होने वाली इस बारिश ने उमस और तपिश और बढ़ा दी है जिससे बेचैन जिलेवासी मानसून के आने का इंतेजार कर रहे है।उधर नगर में नौतपा से ज्यादा तप रहे मौसम के बीच रविवार को दोपहर हुई बारिश ने जिलेवासियों के भीषण गर्मी से हल्की राहत तो दी है।लेकिन महज आधे घण्टे तक हुई इस हल्की बारिश ने उमस व तपिश और बढ़ा दी है।रविवार दोपहर तक बढ़े हुए तापमान के बीच करीब 2.30 से 3 बजे एकाएक मौसम बदला और तेज हवाओ के साथ आधे घंटे तक बारिश हुई।
मानसून ना आने से बेबस हुए किसान
किसानों और लोगों को मानसुन का इंतजार है, ताकि गर्मी से राहत मिले और किसान अपनी बोअनी प्रारंभ कर सके। दरअसल, बालाघाट धान उत्पादक जिला है, जहां धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती हैं। जिससे किसान चितिंत है कि यदि समय पर मानसुन नहीं आया तो उसकी फसल कैसी लगेगी। जानकार बताते है कि जिले में किसान के खेत तैयार है, उसने बीज और खाद लेकर रख लिया है, अब उसे केवल मानसुन का इंतजार है,यदि 25 जून तक भी बालाघाट में मानसुन नहीं आता है तो फिर बोअनी पर इसका असर पड़ सकता है।
तय समय से काफी पीछे चल रहा मानसून
प्रदेश में मानसुन तय समय से पीछे चल रहा है, मौसम विभाग की मानें तो 19 जून तक मानसून प्रदेश में प्रवेश कर जाना था, वही झमाझम बारिश होना था लेकिन तय समय से पीछे चलने के कारण अब आगामी 25 जून तक मानसुन प्रदेश में पहुंचने की बात मौसम विभाग द्वारा कही जा रही है।दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान मौसम विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक धर्मेन्द्र अगासे ने बताया कि पूर्व में मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 21 जून तक हल्की बारिश की संभावना जताई गई थी। जिसमें हल्की बारिश हुई है।
गर्मी से जिलेवासी भी परेशान
जिले में मानसुन नहीं आने से पड़ रही गर्मी से ना केवल लोग परेशान है बल्कि किसान, भी चितिंत है। दरअसल, बालाघाट में अमुमन, मानसुन 10 से 20 जून तक आ जाता है लेकिन, अब तक मानसुन के नहीं आने से धान उत्पादक बालाघाट जिले में किसानों को बोआई की चिंता होने लगी है। हालांकि सिचिंत खेती वाले किसानों ने खार बो दी है लेकिन बोआई के लिए उन्हें अभी भी किसानों को मानसुन का इंतजार है। वही जिलेवासी भी मानसून आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है।
स्वास्थ पर भी पड़ रहा विपरीत असर
मौसम बदलने से स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है, बारिश और फिर गर्मी से लोगों को बैचेनी हो रही है, वहीं डॉ. बताते है कि इसे वायरस की बीमारी भी फैलने का खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन दूरभाष पर बताया कि मौसम बदलने का असर, लोगो के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। खासकर हीटस्ट्रोक, पीलिया, टायफाईड, डायरिया और डिहाईड्रेशन जैसी समस्या लोगो में देखी जा रही है। जिससे लोगों को बचने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि यदि किसी का स्वास्थ्य खराब लग रहा है तो वह तत्काल डॉ. की सलाह ले।










































