भारत की इस गुफा में हाथ लगा बहुत बड़ा ‘खजाना’, ब्राह्मणों का था यहां राज

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नई दिल्ली: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने तेलंगाना के गुंडरम चट्टानों की गुफाओं में दो ब्राह्मी लिपियों से जुड़े अभिलेखों की खोज की है। जो लिपियां मिली हैं, वो किसी खजाने से कम नहीं हैं, क्योंकि उनसे भारत के प्राचीन इतिहास के बारे में अमूल्य जानकारी मिलती है। ब्राह्मी लिपि भारत की सबसे पुरानी लिपि मानी जाती है, जो भारत के इतिहास को जानने में बेहद अहम है। इस लिपि से सातवाहन वंश के शासकों के इतिहास की जानकारी मिलती है। सातवाहन ऐसे शासक थे, जिनकी कमान ब्राह्माणों के हाथ में थी।

ASI ने ब्राह्मी लिपि के अभिलेखों की खोज के बारे में दी जानकारी

  • ASI ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए ब्राह्मी लिपि के अभिलेखों की खोज की जानकारी दी। ASI ने लिखा-इससे इस क्षेत्र के शुरुआती इतिहास और यहां पर राज करने वाले सातवाहन वंश के बारे में जानकारी मिलने में आसानी होगी।
  • ASI ने लिखा-‘एक शिलालेख से पता चलता है कि हारितिपुत्र वंश के एक सदस्य ने बौद्ध भिक्षुओं के लिए गुफा खुदवाई थी। जो शायद चुटु राजवंश से थे और सातवाहन राजकुमार कुमार हकूसिरी के मित्र थे। इससे चुटु और सातवाहन वंशों के बीच संबंध का संकेत मिलता है।’

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