इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को गीदड़भभकी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान के अस्तित्व और विकास के लिए जरूरी पानी को रोकने की किसी भी जानबूझकर की गई कोशिश के ‘दूरगामी नतीजे’ होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान भारतीय जल मंत्री के बयान को लेकर ये गीदड़भभकी दी है। उन्होंने कहा ‘ऐसे किसी भी काम को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा और यह UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत युद्ध की कार्रवाई के बराबर हो सकता है।’
भारत के जल मंत्री सीआर पाटिल ने एक दिन पहले समाचार एजेंसी एएनआई से कहा था कि ‘आने वाले सालों में पानी की एक भी बूंद पाकिस्तान नहीं जाएगी।’ पाटिल ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘निर्देशों’ के बाद भारत इस पर ‘सक्रिय रूप से काम कर रहा है।’ भारतीय मंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अंद्राबी ने कहा ’25 करोड़ से ज्यादा पाकिस्तानियों की आजीविका, खेती और भलाई के लिए जरूरी पानी को रोकने या काफी हद तक कम करने की कोई भी कोशिश बेहद गैर-जिम्मेदाराना काम होगा।’पाकिस्तान का भारत के पानी रोकने के बयान पर गीदड़भभकी
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इससे स्थापित अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन होगा जो ‘सीमा-पार की नदियों और वास्तव में पाकिस्तान के साथ भारत के अपने द्विपक्षीय समझौते’ से संबंधित हैं। उन्होंने कहा ‘पाकिस्तान इस बात को पूरी तरह से खारिज करता है कि पानी को राजनीतिक हथियार या दबाव बनाने के साधन या हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी कार्रवाई दक्षिण एशिया और उससे आगे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा होगी। उन्होंने कहा ‘अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा’ के लिए ऐसे खतरे की जिम्मेदारी ‘पूरी तरह से भारत पर होगी।’अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर के अनुरूप सभी उपलब्ध राजनयिक, राजनीतिक, कानूनी, आर्थिक और अन्य उपायों का इस्तेमाल करके उन अधिकारों की ‘जोरदार’ रक्षा करेगा। अंद्राबी ने चेतावनी दी ‘पाकिस्तान के अस्तित्व और विकास के लिए जरूरी पानी को रोकने की किसी भी जानबूझकर की गई कोशिश को बेहद गंभीर काम माना जाएगा जिसके दूरगामी नतीजे होंगे जैसा कि पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व स्तर पर कहा गया है।’
भारत के परमाणु हथियार की संख्या में इजाफे पर क्या कहा?
भारत के परमाणु हथियारों की संख्या में इजाफे वाली SIPRI की ताजा रिपोर्ट पर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा ‘यह हैरान करने वाला नहीं है।’ उन्होंने कहा ‘यह मोटे तौर पर उन चिंताओं की पुष्टि करता है जिन्हें पाकिस्तान लगातार भारत के परमाणु हथियारों के भंडार को बढ़ाने के बारे में उठाता रहा है’ साथ ही उन्होंने इशारा किया कि ये संख्या शायद भारत के परमाणु हथियारों के भंडार के वास्तविक स्तर को ‘पूरी तरह से नहीं दिखाते।’पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान, भारत की रणनीतिक क्षमताओं में हालिया बदलावों से भी वाकिफ है जिसमें ‘मिसाइल सिस्टम का कैनिस्टराइज़ेशन, समुद्र-आधारित परमाणु-सक्षम पनडुब्बियों का विस्तार और ऐसी लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों को विकसित करना शामिल है जो भारत की सीमा, पड़ोस या वैध रक्षा समझौतों के दायरे से बाहर तक मार कर सकती हैं।’










































