इस्लामाबाद: बीते हफ्ते भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह (महासचिव) दत्तात्रेय होसबले के पाकिस्तान के साथ संवाद जारी रखने का बयान दिया तो इसका असर सीमा पर तक देखा गया। पाकिस्तान ने तुरंत इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जैसे वह इस तरह के बयान की ही प्रतीक्षा कर रहा था। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इसे सकारात्मक कदम बताया, इससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीदें बढ़ी हैं।
बीते बुधवार 13 मई को होसबले ने कहा था कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच बातचीत के लिए हमेशा एक रास्ता खुला रहना चाहिए। हालांकि, RSS एक गैर-राजनीतिक संगठन है लेकिन भारत की सत्ताधारी बीजेपी के लिए वैचारिक प्रेरणास्रोत होने के नाते इसकी इसके नेताओं के बयान का काफी महत्व है। पाकिस्तान के साथ संवाद का बयान तो RSS में नंबर दो की हैसियत रखने वाले नेता ने दिया था।
तनाव के बीच खुल सकती है संवाद की खिड़की
पिछले साल मई में हुई संक्षिप्त लेकिन तीखी झड़प के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि, इन बयानों के बाद दोनों तरफ से खिड़की खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, एक्सपर्ट अभी इन प्रयासों को सावधानीपूर्वक देख रहे हैं।
वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक स्टिमसन सेंटर के दक्षिण एशिया कार्यक्रम की निदेशक एलिजाबेथ थ्रेलकेल्ड ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि बातचीत के प्रति खुलेपन के हालिया संकेत किसी ठोस कदम में बदल पाएंगे या नहीं। लेकिन गौर करने लायक बात है कि दोनों पक्ष बातचीत के लिए शांत और गोपनीय रास्तों की तलाश कर रहे हैं।










































