भारत की महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने चीन के शंघाई में आयोजित आर्चरी विश्व कप 2026 स्टेज-2 में गोल्ड मेडल जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। फाइनल में चीन को उसी की धरती पर मात देकर महिला रिकर्व टीम ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। भारत की महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने मेजबान चीन को 28-26 के रोमांचक मुकाबले में हराया।
यह जीत रिकर्व तीरंदाजी के इतिहास की सबसे बेहतरीन जीतों में मानी जाएगी, क्योंकि चीन जैसी मजबूत टीम को उसके घर में हराना आसान नहीं था। सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को चौंकाते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। भारतीय टीम में दीपिका कुमारी, अंकिता भगत और 17 साल की कुमकुम मोहोड शामिल थीं।
शूट ऑफ में जीता भारत
फाइनल मुकाबला काफी हाई-स्कोरिंग रहा, जिसमें दोनों टीमों ने कड़ी टक्कर दी। भारतीय टीम ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और शायद ही कभी नौ रिंग से नीचे स्कोर किया। रोमांचक अंतिम मुकाबले में भारत ने पहला सेट जीता, लेकिन चीन ने वापसी करते हुए मुकाबला बराबर कर दिया। निर्धारित चार सेट के बाद स्कोर बराबर रहने के कारण ’शूट-ऑफ’ कराया गया।
भारतीय तिकड़ी ने निर्णायक पलो में संयम बनाए रखते हुए 5-4 (28-26) से जीत दर्ज की। अनुभवी दीपिका ने दबाव के बीच अंतिम ‘शूट-ऑफ’ तीर पर अहम नौ अंक जुटाकर भारत को 2021 के बाद पहला विश्व कप स्वर्ण पदक दिलाया।
सेमीफाइनल में किया था बड़ा उलटफेर
इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में रिकॉर्ड 10 बार के ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। यह टूर्नामेंट में भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले, विश्व यूनिवर्सिटी खेलों के मौजूदा चैंपियन साहिल जाधव ने शनिवार को यहां तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में मेंस कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारत एक और पदक की दौड़ में बना हुआ है। सिमरनजीत कौर दिन में बाद में सेमीफाइनल में उतरेंगी और विश्व कप में अपना पहला पदक जीतने के लिए उन्हें एक जीत की जरूरत होगी।










































