जकार्ता: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज इंडोनेशिया के संसद को संबोधित किया है। इस दौरान उन्होंन भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक संबंध का हवाला दिया। आज भारत और इंडोनेशिया ने ब्रह्नोस मिसाइल और अस्त्र मिसाइल को लेकर सौदा किया है। उन्होंने देश की संसद को संबोधित करते हुए गुट निरपेक्ष आंदोलन को याद किया और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को याद किया। जिन्होंने इंडोनेशिया के साथ मिलकर गुट निरपेक्ष आंदोलन की नींव रखी थी। इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है जो विकास के रास्ते पर चलता है न कि विस्तारवाद के।
PM मोदी ने कहा ‘भारत और इंडोनेशिया के लिए समुद्र कभी भी दूरी का प्रतीक नहीं रहा है। यह हमेशा हमारे देशों के बीच एक पुल रहा है और हमारे साझा भविष्य के लिए अहम बना हुआ है।’ उन्होंने आगे कहा ‘भारत और इंडोनेशिया के बीच जो सद्भावना और भरोसा है, उससे हमारे नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा होने चाहिए।’ उन्होंने कहा ‘जब भारत और इंडोनेशिया साथ खड़े होते हैं तो वे दुनिया का यह भरोसा मजबूत करते हैं कि लोकतंत्र अवसर पैदा करता है, लोकतंत्र भरोसा बनाता है और लोकतंत्र भविष्य को आकार देता है।’










































