धापेवाड़ा के पास ट्रेन ने ली मादा भालू की जान
सोनबीरी नाले के पास मिला क्षत-विक्षत शव, हादसे में सिर धड़ से हुआ अलग
वन विकास निगम ने पोस्टमार्टम के बाद कराया अंतिम संस्कार
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पदमेश न्यूज़। बालाघाट।बालाघाट-समानापुर रेलखंड पर वन्यप्राणियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। धापेवाड़ा के सोनबीरी नाले के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक मादा भालू की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि भालू का सिर धड़ से अलग हो गया। रेलवे ट्रैक पर वन्यप्राणी की मौत की इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और रेलखंडों पर उनकी सुरक्षित आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालाघाट-समानापुर रेलखंड पर धापेवाड़ा के सोनबीरी नाले के समीप एक मादा भालू ट्रेन की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि भालू का शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विकास निगम लामता का अमला मौके पर पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मादा भालू किस ट्रेन की चपेट में आई और हादसा रात के किस समय हुआ।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बालाघाट जिले के वन क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले रेलखंड वन्यप्राणियों की आवाजाही के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। जंगलों से सटे रेलवे ट्रैक पर वन्यजीवों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में ट्रेन की चपेट में आने से मादा भालू की मौत ने वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।सवाल यह है कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाले रेलखंडों पर वन्यप्राणियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए क्या पर्याप्त इंतजाम हैं? वन्यजीवों की लगातार बढ़ती आवाजाही के बीच रेलवे और वन विभाग के बीच समन्वय तथा संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने कराया अंतिम संस्कार- राजेन्द्र
यह क्षेत्र वन विकास निगम लामता के अंतर्गत आता है। वन विकास निगम लामता के परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी राजेंद्र जारगे ने बताया कि ट्रेन की चपेट में आने से मादा भालू की मौत हुई है। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई थी। अधिकारियों के निर्देशानुसार मृत भालू का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।






































