बालाघाट के एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा के बोरगांव स्थित एथेनॉल प्लांट भेजे जाने वाले करोड़ों रुपये के सीएमआर कस्टम मिल्ड राइस चावल घोटाले में विशेष जांच टीम को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एसआईटी ने चावल के अवैध परिवहन और हेराफेरी के इस खेल में शामिल इंडियन रोड लाइंस सिवनी के मालिक उबेद खान को सिवनी से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी उबेद खान को न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस ने 3 जुलाई तक की रिमांड पर ले लिया है। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य ट्रांसपोर्टर्स और रूट की कड़ियों को खंगाल रही है।
3 जुलाई तक रिमांड पर नया आरोपी, पहले गिरफ्तार आरोपी भी थे रिमांड पर
घोटाले की जड़ों तक पहुंचने के लिए एसआईटी हर संदिग्ध से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए एव्हीजे एग्रीको प्रायवेट लिमिटेड एथेनाल प्लांट बोरगांव के अधिकृत प्रतिनिधि राहुल प्रताप और सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा चुकी है। उन्हें पुनः रिमांड पर लिया हैं वही अब ट्रांसपोर्टर उबेद खान की 3 जुलाई तक मिली रिमांड से इस घोटाले में शामिल अन्य वाहन स्वामियों और चावल खपाने वाले ठिकानों के कई बड़े राजफाश होने की उम्मीद है।
मुख्य आरोपी सौरभ संचेती और पिता गंभीर संचेती अब भी फरार
इस पूरे महाघोटाले के केंद्र में रही संचेती राईस मिल के संचालकों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मुख्य आरोपी सौरभ संचेती के बाद एसआईटी ने उसके पिता गंभीर संचेती को भी इस घोटाले में बराबर का साझीदार पाते हुए सह-आरोपी बनाया है। हालांकि पुलिस की लगातार छापेमारी के बावजूद पिता-पुत्र गंभीर संचेती और सौरभ संचेती अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस की विशेष टीमें दोनों की पतासाजी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
3 जून की रात से शुरू हुई थी जांच
यह पूरा मामला 3 जून की रात को तब सामने आया था जब छिंदवाड़ा के बोरगांव प्लांट के लिए निकले तीन ट्रकों में से एक ट्रक को कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने वारासिवनी स्थित संचेती राईस मिल में रंगे हाथों पकड़ा था। इस ट्रक में 242 क्विंटल सीएमआर चावल लोड था। जब बाकी दो ट्रकों की तलाश की गई तो वे सिवनी के भोरकल खापा की एक इंडस्ट्री में खाली खड़े मिले थे जिनका चावल गायब कर दिया गया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा।
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