मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में 113 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत सीवर प्रोजेक्ट पूरी तरह फेल हो गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके परदादा के जमाने की सीवर लाइन आज भी चालू है, लेकिन आधुनिक प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।शिवपुरी: शहर के लिए स्वीकृत 113 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी सीवर प्रोजेक्ट पूरी तरह फेल साबित हुआ है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की सीवर व्यवस्था आज भी बदहाल है। इस पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गहरी नाराजगी जताई है। सिंधिया अपने तीन दिवसीय संसदीय क्षेत्र के प्रवास पर शनिवार को शिवपुरी पहुंचे थे। कलेक्टर कार्यालय में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने सीवर प्रोजेक्ट में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर असंतोष व्यक्त किया।
दादा के समय में बिछाई गई थी लाइन
उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि उनके दादा माधवराव महाराज प्रथम के समय में शिवपुरी में करीब 15 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई गई थी। कई दशक बीत जाने के बाद भी उस ऐतिहासिक लाइन का लगभग 7 किलोमीटर हिस्सा आज भी सुचारू रूप से चालू है। इसके विपरीत आधुनिक तकनीक और 113 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने के बावजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) और नगर पालिका मिलकर इस प्रोजेक्ट को पूरा नहींMPUDC को सौंपा जाएगा प्रोजेक्ट
सिंधिया ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को अब एमपी अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीयूडीसी) को सौंपा जाएगा, ताकि काम समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके।
ग्वालियर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका विचाराधीन
उल्लेखनीय है कि सीवर प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका विचाराधीन है। इसके अलावा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) सहित अन्य जांच एजेंसियों में भी शिकायतें दर्ज हैं, जिनकी जांच जारी है। इस मामले में पीएचई के कई अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। समय पर प्रोजेक्ट पूरा न होने से शहरवासियों को गंदगी और जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।










































