ऑक्सीजन मास्क लगाकर युवाओं ने किया अनोखा प्रदर्शन, अनियोजित विकास का किया विरोध

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पदमेश न्यूज़, बालाघाट।बालाघाट-गोंदिया-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में काटे गए पेड़ों के बदले अब तक पौधारोपण नहीं किए जाने के विरोध में शनिवार की देर शाम नगर के काली पुतली चौक पर वृक्षधरा फाउंडेशन के युवाओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने चेहरे पर ऑक्सीजन मास्क पहनकर और हाथों में तख्तियां व बैनर लेकर अनियोजित विकास के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि यदि विकास के नाम पर इसी तरह अंधाधुंध वृक्षों की कटाई होती रही और उनके स्थान पर नए पौधे नहीं लगाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा के लिए ऑक्सीजन मास्क का सहारा लेना पड़ेगा।प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार पत्राचार करने के बावजूद अब तक शासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे लोगों में निराशा और नाराजगी है।

पांच सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन में युवाओं ने सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि हाईवे निर्माण के दौरान 100 वर्ष से अधिक पुराने हजारों पेड़ों को काट दिया गया, लेकिन उनके बदले पौधारोपण क्यों नहीं किया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि सड़क किनारे पौधारोपण के लिए पर्याप्त स्थान क्यों नहीं छोड़ा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बालाघाट-गोंदिया-नागपुर हाईवे के दोनों ओर कम से कम छह फीट ऊंचाई के देशी प्रजाति के पौधे लगाए जाएं ताकि भविष्य में राहगीरों को छाया मिल सके और पर्यावरण का संतुलन बना रहे। साथ ही हाईवे किनारे व्यापक स्तर पर पौधारोपण की समय-सीमा घोषित करने की भी मांग की गई।

हमें विकास से नहीं, अनियोजित विकास से आपत्ति है- दमाहे
वृक्षधरा फाउंडेशन के पदाधिकारी राकेश भोजराज दमाहे ने बताया कि संस्था विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, बल्कि ऐसे विकास का विरोध करती है जिसमें पर्यावरण की अनदेखी की जाती है। उन्होंने कहा कि देशभर में विकास परियोजनाओं के नाम पर लगातार वृक्षों की कटाई हो रही है, लेकिन उनके बदले पर्याप्त पौधारोपण नहीं किया जा रहा। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाली पीढ़ियों के सामने स्वच्छ हवा और पर्यावरण का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।उन्होंने बताया कि बालाघाट-गोंदिया-नागपुर हाईवे निर्माण के दौरान लाखों पेड़ काटे गए, लेकिन आज तक वहां दोबारा पौधे नहीं लगाए गए। इसी मुद्दे को लेकर बालाघाट, गोंदिया और नागपुर में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जितने वृक्ष विकास कार्यों के लिए काटे गए हैं, उतने ही वृक्ष शीघ्र लगाए जाएं ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी सुरक्षा का संकल्प लेने की अपील की। उनका कहना था कि यदि आज पर्यावरण संरक्षण के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में इसके दुष्परिणाम पूरी मानव जाति को भुगतने पड़ेंगे।
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