आम निवेशकों के मन में हमेशा से उलझन रही है कि कहां निवेशक करें कि सबसे अधिक रिटर्न मिले? इसी चक्कर में वो कई बार दोस्त-रिश्तेदार के सलाह पर गलत फैसला ले लेते हैं। ज्यादा रिटर्न पाने के चक्कर में पिछले कुछ सालों में SIP के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश तेजी से बढ़ा था, लेकिन अब यह उत्साह ठंडा पड़ रहा है। इसकी वजह म्यूचुअल फंड में उम्मीद के अनुरूप रिटर्न नहीं मिलना है। अगर आप भी अपने बचत के पैसे को निवेश करने की योजना बना रहे हैं और FD, Mutual Fund या SCSS को लेकर मन में ऊहापोह तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपको सही जवाब दे रहे हैं। आइए जानते हैं कि आपके लिए इन तीनों में कौन बेस्ट होगा?
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
आम निवेशकों के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। आज भी देश के बैंकों में लोगों के 100 खरब रुपये से ज्यादा जमा हैं, जो इसके प्रति भरोसे को दिखाता है। इसमें एक निश्चित समय के लिए आपका पैसा पूरी तरह सेफ रहता है और आपको तय ब्याज मिलता है। अगर आप शॉर्ट टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं तो यह एक बेस्ट निवेश माध्यम है। एक्सपर्ट के अनुसार, यह 1 से 3 साल के लिए एफडी सबसे अच्छा है। इसमें आपको गारंटीड रिटर्न मिलता है।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)
साल 2004 में भारत सरकार ने ‘सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम’ (SCSS) की शुरुआत की थी। इसका मकसद रिटायर हो चुके लोगों को महंगाई से बचाना और एक सुरक्षित मासिक या तिमाही आय देना था। आज यह बुजुर्गों के बीच सबसे लोकप्रिय सरकारी स्कीम है। इसमें 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिक पोस्ट ऑफिस या सरकारी बैंकों में खाता खुलवा सकते हैं। इसमें कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 30 लाख रुपये प्रति व्यक्ति निवेश किया जा सकता है।
वर्तमान में इस पर 8.2% सालाना का बेहतरीन ब्याज मिल रहा है। खास बात यह है कि खाता खुलवाते समय जो ब्याज दर तय हो जाती है, वह पूरे 5 साल तक नहीं बदलती, भले ही बाद में सरकार दरें घटा दे। इसका ब्याज हर 3 महीने (तिमाही) में सीधे आपके बैंक खाते में आता है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में इसमें 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट (80C) मिलती है, लेकिन इसके ब्याज पर टैक्स देना होता है। इसमें 5 साल का लॉक-इन होता है, यानी समय से पहले पैसे निकालने पर 1% से 1.5% तक की पेनल्टी देनी पड़ती है।
अगर आप रिटायर हो चुके हैं तो यह आपके लिए बेस्ट सेविंग स्कीम हो सकती है। इसमें आपको फिक्स रिटर्न मिलता है। आप पेंशन की तरह इससे मिलने वाले ब्याज का इस्तेमाल कर सकते हैं।
तीनों की तुलना
| पैमाना | फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) | सीनियर सिटीजन स्कीम (SCSS) | म्यूचुअल फंड (MF) |
| अनुमानित रिटर्न | 6.5% से 8.5% | 8.2% सालाना | 7% से 15% (फंड के हिसाब से) |
| रिटर्न की गारंटी | पूरी गारंटी | सरकार की गारंटी | बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर |
| पैसा निकालने की सुविधा | पेनल्टी देकर निकाल सकते हैं | 5 साल का लॉक-इन (पेनल्टी लागू) | बहुत आसान (1-3 दिन में रिडीम) |
| टैक्स नियम | आपके टैक्स स्लैब के अनुसार | आपके टैक्स स्लैब के अनुसार | मुनाफे पर केवल 12.5% LTCG (इक्विटी) |
म्यूचुअल फंड
अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं और बाजार के उतार—चढ़ाव को झेल सकते हैं तो म्यूचुअल फंड आपके लिए सही हो सकता है। आप सिप के जरिये इसमें निवेश कर आसानी से शानदार रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। अगर बीते 30-33 सालों का इतिहास देखें, तो शेयर बाजार (Nifty 50) ने निवेशकों के पैसे को FD के मुकाबले कई गुना तेजी से बढ़ाया है।
क्या है सबसे स्मार्ट तरीका?
कोई भी एक विकल्प अपने आप में परफेक्ट नहीं है। आप अपनी वित्तीय गोल और जोखिम लेने की क्षमता के अनुसार चयन कर निवेश करें। ऐसा कर आप जोखिम को भी कर पाएंगे और बेहतर रिटर्न भी ले पाएंगे।










































