गौतम गंभीर और खराब टेस्ट क्रिकेट पर जमकर बोले अजिंक्य रहाणे, कहा- सीनियर खिलाड़ियों की इज्जत होनी चाहिए

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नई दिल्ली: भारतीय टीम का घरेलू किला जो कभी अभेद्य माना जाता था वह लगातार दो सालों में मिली दो करारी सीरीज हार से ध्वस्त हो गया है। न्यूजीलैंड के हाथों 0-3 और फिर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से मिली क्लीन स्वीप ने भारतीय टेस्ट टीम के गोल्डन पीरियड पर सवाल खड़े कर दिए। हालांकि इंग्लैंड में 2-2 की बराबरी और वेस्टइंडीज पर 2-0 की जीत ने कुछ उम्मीदें जगाईं लेकिन लगातार घरेलू हारों ने भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलावों की नींव रख दी।

कई दिग्गज खिलाड़ियों ने लिया संन्यास

हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा करने वाले पूर्व भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टेस्ट फॉर्मेट के भविष्य और भारतीय टीम के गिरते स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की है। रहाणे का मानना है कि भारतीय टीम से विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन और चेतेश्वर पुजारा जैसे कई सीनियर दिग्गजों का एक साथ संन्यास लेना टीम के संतुलन बिगड़ने की मुख्य वजह रहा। उनके अनुसार, टेस्ट में केवल युवाओं पर निर्भर नहीं रहा जा सकता।

टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर डर लगता है

एक पॉडकास्ट पर बात करते हुए रहाणे ने भारतीय टीम के मौजूदा ढांचे और सीनियर खिलाड़ियों की कमी पर खुलकर बात की। रहाणे ने कहा, ‘मुझे अभी भी लगता है कि टेस्ट क्रिकेट को चलाने के लिए 7-8 सीनियर खिलाड़ियों और 2-3 युवा खिलाड़ियों के संतुलन की जरूरत होती है। अब जो हम देख रहे हैं उसमें लगभग सभी खिलाड़ी नए हैं। टीम में शायद ही कोई सीनियर क्रिकेटर बचा है। ईमानदारी से कहूं तो मुझे टेस्ट क्रिकेट के भविष्य को लेकर डर लगता है। जिस तरह से चीजें चल रही हैं हम सब चाहते हैं कि यह फॉर्मेट बना रहे। पिछले 2-3 सालों में जो हुआ उसमें सीनियर खिलाड़ियों का सम्मान करना और उन्हें बनाए रखना जरूरी था। सभी सीनियर खिलाड़ियों का एक साथ बाहर हो जाना ही असली समस्या रहा है

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