पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। जनपद पंचायत खैरलांजी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बिटोडी इन दिनों भीषण जल संकट के दौर से गुजर रही है। पिछले करीब २० दिनों से गांव की नल जल योजना पूरी तरह ठप पड़ गई है,जिससे ग्रामीणों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि गांव के करीब ६५ प्रतिशत हिस्से में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच पा रही है।
निजी लापरवाही बनी सरकारी संकट का कारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरी समस्या एक निजी ट्यूबवेल खनन के कारण उत्पन्न हुई है। ग्रामीण चमरूलाल द्वारा अपने निजी स्थान पर ट्यूबवेल का खनन कराया जा रहा था जिसकी वजह से पास ही स्थित नल जल योजना का मुख्य शासकीय बोर कोलेप्स यानि धंस गया। शासकीय बोर खराब होने से पूरी पंचायत की पाइपलाइन सूखी पड़ी है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वर्तमान में चमरू लाल के ट्यूबवेल का अधिग्रहण तो कर लिया है। लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण यह व्यवस्था ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हो रही है। बिटोडी गांव की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि वहां मीठे पानी के जल स्रोत अत्यंत सीमित हैं। पूरे गांव में केवल पंचायत चौक स्थित हैंडपंप और नल जल योजना ही मीठे पानी के मुख्य साधन हैं। वर्तमान संकट के कारण पंचायत ने चौक पर सार्वजनिक नल तो लगा दिए हैं लेकिन दूर.दराज के मोहल्लों में रहने वाले लोग सुबह से ही बर्तन लेकर १-१ किलोमीटर का पैदल सफ र तय कर पानी भरने को मजबूर हैं। खारे पानी की समस्या के कारण ग्रामीण अन्य जल स्रोतों का उपयोग पीने के लिए नहीं कर पा रहे हैं। भीषण गर्मी और गिरते जल स्तर को देखते हुए जिले में बोरवेल खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में पंचायत के हाथ बंधे हुए हैं पंचायत प्रशासन के द्वारा जिला कलेक्टर को विशेष अनुमति के लिए आवेदन भेजा गया है। बीते तीन सप्ताह से पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे ग्रामीणों में अब प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एक व्यक्ति की निजी लापरवाही की सजा पूरा गांव भुगत रहा है।
ग्राम की नल जल योजना कुछ दिनों से बंद पड़ी हुई है- तेजराम नगपुरे
पूर्व सरपंच तेजराम नगपुरे ने बताया कि ग्राम की नल जल योजना कुछ दिनों से बंद पड़ी हुई है। बोरवेल धस गया है पंचायत के द्वारा इस पर कुछ नहीं करने से हमारे द्वारा समस्त अधिकारियों को इसकी शिकायत की गई है। यह बहुत बड़ी समस्या है ६०० घर की बस्ती है सभी जगह खारा पानी है दूसरे तरफ मीठा पानी है जिस कारण से लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। वर्ष २००६ में जब मैं सरपंच बना था पानी टंकी का निर्माण करवाया था तब से यह मीठा पानी लोगों को मिल रहा था परंतु पहली बार यह समस्या उत्पन्न हुई है। भीषण गर्मी का दौर चल रहा है पानी की हर किसी को जरूरत है जल्द से जल्द इसका सुधार होना चाहिए क्योंकि वर्तमान में लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।
पानी की समस्या बनी हुई है मीठा पानी पूरे गांव में नहीं है सरपंच ने नल लगाए है- महेश पंचभैया
ग्रामीण महेश पंचभैया ने बताया कि नल जल की समस्या ऐसी है कि बोर से पानी आ रहा है परंतु वह पर्याप्त नहीं है। हमारे कन्हारटोला एवं ग्राम के विभिन्न चौक और मुख्य बस्ती में पर्याप्त पानी किसी को नहीं मिल रहा है। काफ ी समस्या बनी हुई है मीठा पानी पूरे गांव में नहीं है सरपंच ने नल लगाए हैं वहां पर लोगों की भीड़ लग रही है। १ किलोमीटर तक के लोग पानी लेने आते हैं इस संबंध में सरपंच से बात हुई है वह प्रयास भी कर रहे हैं। चार दिन में पूरा काम हो जाएगा कहते हैं पर हम यही चाहते हैं कि यह समस्या का जल्द निराकरण हो लोगों को परेशानी का सामना ना करना पड़े।
प्रशासन बोर करने की अनुमति दे तो ग्राम में पानी की समस्या का समाधान हो जायेगा-कैलाश नगपुरे
सरपंच प्रतिनिधि कैलाश नगपुरे ने बताया कि ४ वर्ष पहले गड्ढे से पानी निकालते थे तो हमारी पत्नी जब सरपंच बनी तो उसे व्यवस्था में हमने सुधार किया है। अभी १७ अप्रैल को चमरू लाल ने अपने घर में बोर किया जिस कारण शासकीय बोर कोलेप्स हो गया। इसकी शिकायत हमने सभी अधिकारियों को की थी अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण कर जांच भी की गई है। चमरू लाल ने बिना अनुमति का बोर किया था जो पंचायत को दे दिया गया है और उन्होंने शपथ पत्र भी लिख कर दिया है। उसमें मोटर डालकर लोगों को पानी देने का प्रयास कर रहे हैं पांच नल कनेक्शन निकाल दिए हैं फि र भी आधी समस्या का समाधान हो पाया है। शासन प्रशासन से मांग है कि वह हमें अनुमति दे ताकि बोर की मोटर को नीचे डालकर सुचारू पानी वितरण किया जा सके।










































