नई दिल्ली: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते ओवरऑल गिरावट रही। इस बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स कुल 639.61 अंक यानी 0.84 प्रतिशत और एनएसई का मानक सूचकांक निफ्टी 171.55 अंक यानी 0.72 प्रतिशत नीचे आ गया। इस गिरावट का असर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से सात के मार्केट कैप में सामूहिक रूप से कुल 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई। इस दौरान सबसे ज्यादा नुकसान रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ।
देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), बजाज फाइनेंस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार मूल्यांकन में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, एसबीआई, लार्सन एंड टुब्रो और एलआईसी का बाजार मूल्यांकन बढ़ गया।रिलायंस को सबसे ज्यादा नुकसान
रिलायंस का मार्केट कैप 46,078.30 करोड़ रुपये घटकर 17,87,039.40 करोड़ रुपये रह गया। इस दौरान एचडीएफसी बैंक का मूल्यांकन 33,333.06 करोड़ रुपये घटकर 11,46,641.84 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। भारती एयरटेल की बाजार हैसियत भी 25,408.96 करोड़ रुपये कम होकर 11,14,886.53 करोड़ रुपये पर आ गई। टीसीएस का मूल्यांकन 22,920.58 करोड़ रुपये घटकर 8,15,480.75 करोड़ रुपये रहा।
इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर के बाजार पूंजीकरण में 13,169.46 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 5,04,210.54 करोड़ रुपये पर आ गया। बजाज फाइनेंस का बाजार मूल्यांकन भी 7,253.24 करोड़ रुपये घटकर 5,63,262.33 करोड़ रुपये रह गया। निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक का मूल्यांकन भी 6,311.41 करोड़ रुपये की गिरावट के साथ 9,00,589.91 करोड़ रुपये रह गया।










































