यौमे आशूरा पर अमोली और लालबर्रा में इमाम हुसैन की कुर्बानी को किया गया याददेश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआओं के साथ लंगर, शरबत का हुआ वितरण

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। इस्लामिक नववर्ष की शुरूआत के बाद शुक्रवार को १० मोहर्रम (यौमे आशूरा) के अवसर पर लालबर्रा से लगे ग्राम अमोली एवं लालबर्रा-सिवनी हाईवे मार्ग स्थित हजरत सैयद सफीक अली शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह शरीफ में श्रध्दा, अकीदत और धार्मिक वातावरण के बीच विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस अवसर पर पूरे दिन इमाम-ए-आली मकाम हजऱत इमाम हुसैन रजय़िल्लाहु तआला अन्हु और शहीदाने कर्बला की याद में इबादत, दुआ, सलातो-सलाम, लंगर और शरबत वितरण किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज सहित अन्य धर्मों के लोग उपस्थित रहे और सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।

मोहर्रम पर हुए विभिन्न कार्यक्रम

मोहर्रम (यौमे आशूरा) पर्व के अवसर पर नगर मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत अमोली स्थित रजा मस्जिद में प्रात: ९ बजे मुस्लिम समाज के लोगों ने दो-दो रकअत नफ्ल नमाज़ अदा की। जिसके पश्चात मस्जिद के इमाम हाजी हाफिज वकारी इरशाद अहमद खान ने दुआ-ए-आशूरा पढ़ाई तथा देश की खुशहाली, अमन-चैन, आपसी सौहार्द, भाईचारे और समस्त मानवता की सलामती के लिए विशेष दुआ करवाई। वहीं उपस्थित अकीदतमंदों ने सलातो-सलाम पेश कर हजऱत इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी लोगों को शरबत वितरित किया गया। जिसके बाद दोपहर ३ बजे लालबर्रा से सिवनी हाईवे मार्ग स्थित मजार के समीप हजरत सैयद सफीक अली शाह रममतुल्लाह अलैह की दरगाह शरीफ में राहगीरों एवं आमजन के लिए लंगर और ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई। तेज गर्मी के बीच सैकड़ों राहगीरों ने शरबत ग्रहण किया तथा लंगर में शामिल होकर इंसानियत और सेवा की इस परंपरा की सराहना की। इस दौरान उपस्थित लोगों को हजऱत इमाम हुसैन रजयिल्लाहु तआला अन्हु की शहादत, कर्बला की ऐतिहासिक घटना तथा सत्य, न्याय, सब्र, त्याग और इंसानियत की रक्षा के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानी के बारे में विस्तार से बताया गया। वहीं वक्ताओं ने कहा कि इमाम हुसैन का संदेश आज भी पूरी दुनिया को अन्याय के विरूध्द डटकर खड़े होने तथा सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह आयोजन सक्षम लोक मददगार एवं शिक्षा समिति, रजा मस्जिद अमोली से जुड़े नौजवान साथियों एवं विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक कमेटियों के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

बाईट – मोहम्मद जिशान हन्फी

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