25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई भूमि पर वर्षों से था कब्जा,
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया गया अतिक्रमण जेसीबी से शाम तक चली कार्रवाई, गांव में पुलिस बल तैनात
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पदमेश न्यूज़। बालाघाट। बालाघाट तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत रट्टा में शासकीय भूमि पर वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण के मामले में बुधवार, 21 अक्टूबर को राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेसीबी से करीब 5 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई दोपहर करीब 2 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चली। मुक्त कराई गई भूमि की कीमत 20- 25 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई से लंबे समय से अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालाघाट तहसील के पटवारी हल्का नंबर 17/42 अंतर्गत ग्राम रट्टा निवासी रोमनलाल एवं जियालाल दमाहे द्वारा बड़े झाड़ के जंगल और आबादी मद की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर खेती किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। ग्रामीणों और ग्राम पंचायत की शिकायत पर तहसील न्यायालय में प्रकरण दर्ज किया गया। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाए जाने पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बेदखली की कार्रवाई की। इस दौरान प्रकरण में अधिरोपित 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी जमा कराया गया।
राजस्व-पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
मंगलवार दोपहर नायब तहसीलदार मंजुला मोहबिया, राजस्व निरीक्षक हितेंद्र सिंह मर्सकोले तथा हट्टा थाना प्रभारी भूपेंद्र पन्द्रो सहित राजस्व और पुलिस विभाग का अमला रट्टा पहुंचा। जेसीबी मशीन की मदद से दो अलग-अलग स्थानों पर स्थित शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया गया। कार्रवाई के दौरान ग्राम पंचायत सरपंच रवि कुमरे, उपसरपंच जितेंद्र राणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। गांव में पूर्व में हुए विवाद को देखते हुए पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।
28 सितंबर के विवाद के बाद मामला फिर चर्चा में
गौरतलब है कि रट्टा गांव में 28 सितंबर को मारपीट की घटना के बाद तनाव की स्थिति निर्मित हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार, इस विवाद में सरपंच सहित 10 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने सहित अन्य शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की थी। अब राजस्व विभाग की बेदखली कार्रवाई के बाद सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया है। हालांकि, ग्रामीणों ने अन्य भूमि पर भी कथित कब्जों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
पुनः अतिक्रमण किया तो होगी आगे की कार्रवाई- मोहबिया
नायब तहसीलदार मंजुला मोहबिया ने बताया कि रोमनलाल एवं जियालाल द्वारा शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किए जाने के संबंध में दोनों को नोटिस जारी किए गए थे। मंगलवार को बड़े झाड़ के जंगल और आबादी मद की करीब 5 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। यदि बेदखली के बाद दोबारा अतिक्रमण किया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रकरण एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
ग्रामीणों में खुशी का माहौल है-सरपंच
ग्राम पंचायत सरपंच रवि कुमरे और उपसरपंच जितेंद्र राणा ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीणों की ओर से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत जिला प्रशासन से की गई थी। लंबे समय से कार्रवाई की मांग की जा रही थी। प्रशासन की टीम द्वारा अतिक्रमण हटाए जाने से ग्रामीणों को राहत मिली है। उन्होंने अन्य कथित कब्जों की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की।







































