लंदन: न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने कोहिनूर हीरे को चर्चा में ला दिया है। ममदानी ने ब्रिटेन किंग चार्ल्स तीसरे के अमेरिकी दौरे के बीच कोहिनूर भारत को लौटाने की बात कही है। ममदानी ने एक बयान में कहा कि मैं ब्रिटेन किंग से अलग से बात करता तो उन्हें कोहिनूर हीरा लौटाने के लिए जरूर कहता। कोहिनूर (कोह-ए-नूर) दुनिया के सबसे मशहूर और बेशकीमती हीरों में से एक है लेकिन इसे कुछ लोग शापित मानते हैं। खासतौर से पुरुष शासकों के लिए इसे ‘अपशगुन’ माना जाता है।
कोहिनूर दुनिया के सबसे बड़े तराशे हुए हीरों में से एक होने के लिए मशहूर है। इसका वजन 105.6 कैरेट है और ये ब्रिटेन के शाही गहनों का हिस्सा है। अभी इस पर किंग चार्ल्स III और क्वीन कंसोर्ट कैमिला का मालिकाना हक है। पिछली कुछ सदियों में यह हीरा दुनियाभर के अलग-अलग शासकों के हाथों से गुजर चुका है।कोहिनूर की शुरुआत
कोहिनूर की शुरुआत दक्षिण भारत से हुई, फिर यह मुगलों के पास गया और अफगानिस्तान, पंजाब से होते हुए अब यह ब्रिटिश राजपरिवार के पास है। कोह-ए-नूर का फारसी में मतलब ‘रोशनी का पहाड़’ होता है लेकिन इसके नाम के उलट इस पर कथित तौर पर एक शाप माना जाता है। कहा जाता है कि यह पुरुष मालिकों के लिए बदकिस्मती लाता है। ब्रिटेन किंग चार्ल्स III को कैंसर होने के बाद कोहिनूर पर शाप की बात फिर होने लगी है।
ओडिशा स्टेट आर्काइव्स के मुताबिक, कोहिनूर का पता काकतीय वंश के शासनकाल के दौरान गोलकोंडा इलाके (तेलंगाना) की कोल्लूर खदानों में चला था। दुनिया के सबसे बड़े हीरों में से एक होने के नाते कोहि नूर को शान की निशानी माना जाता थी। सकी वजह से शासक इसे एक ट्रॉफी के तौर पर पाने के लिए आपस में लड़ते थे।









































