वारासिवनी में १३ वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म मामले में जनाक्रोश

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत गत ६ अगस्त को एक १३ वर्षीय मासूम नाबालिग बालिका के साथ घटित हुई दुष्कर्म की वारदात के बाद स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों में गहरा असंतोष और आक्रोश व्याप्त हो गया है। घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा मामले में कोई ठोस कार्यवाही नही किए जाने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों और विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों ने ९ अगस्त को वारासिवनी थाने पहुंचकर जमकर विरोध जताया और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

सूने मकान का फायदा उठाकर पड़ोसी के रिश्तेदार ने किया कृत्य

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना वाले दिन पीडित बालिका की माता सुबह लगभग ५ बजे खेत पर गई थीं। इसके बाद सुबह ७.३०बजे बालिका के पिता और भाई भी खेत चले गए जिससे घर पर बालिका अकेली थी। सूनेपन का फायदा उठाते हुए पड़ोसी के घर आया राजेश नामक युवक जो लिंगा का निवासी है और बालाघाट के बूढ़ी रेलवे क्रॉसिंग पर गेटकीपर के पद पर कार्यरत बताया जाता है,घर में दाखिल हुआ और मासूम के साथ गलत काम किया। बालिका ने तुरंत घटना की जानकारी परिजनों और पड़ोसियों को दी जिसके बाद ६ अगस्त की सुबह ही मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई।

४ दिन बाद भी आरोपी न्यायालय पेश नहीं ,पुलिस की सुस्ती पर उठे सवाल

मामले की जांच उपनिरीक्षक नीता मोहरे के द्वारा की जा रही थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को पूर्व में ही राउंडअप कर लिया था लेकिन ९ अगस्त तक ना तो कार्यवाही पूरी की गई और ना ही आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। उल्टा पीडिता को बार बार बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया जाता रहा। कार्यवाही में हो रही इस लेट.लतीफी और घोर लापरवाही की खबर फैलते ही ९ अगस्त को सर्व समाज और ग्रामीणों की भारी भीड़ थाने में एकत्र हो गई। थाने में जनाक्रोश को बढ़ता देख थाना प्रभारी ने ग्रामीणों और समाज के प्रतिनिधियों से चर्चा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में तत्काल वैधानिक कार्यवाही पूर्ण कर आरोपी को शीघ्र ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। थाना प्रभारी के इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत तो हुए, लेकिन जब तक पीडि़ता के बयान दर्ज कर उसे सुरक्षित वापस नहीं भेजा गया तब तक ग्रामीणों की भीड़ थाने परिसर में ही डटी रही।

६ अगस्त की घटना पर आज तक ठोस कदम नही उठाना पुलिस की भयंकर लापरवाही-महेश सहारे

आदिवासी गोवारी समाज संगठन के प्रदेशाध्यक्ष महेश सहारे ने बताया की ६ अगस्त की घटना पर आज ९ अगस्त तक ठोस कदम नही उठाना पुलिस की भयंकर लापरवाही को दर्शाता है। संवेदनशील मामलों में तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। हमें यह भी जानकारी मिली है कि मामले को दबाने के लिए पीडिता के पक्ष को रुपयों का लालच देने की बातें चल रही हैं। हम मांग करते हैं कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और दोषी को फांसी की सजा दी जाए। यदि निष्पक्ष कार्यवाही नहीं हुई तो हम पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष उग्र आंदोलन करेंगे।

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