संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि ईरानी शासन अपने झूठ, भ्रष्टाचार और दमन के कारण आखिरकार गिर जाएगा और वहां की जनता उसके खिलाफ खड़ी होगीBenjamin Netanyahu UNGA Speech 2026: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच से दुनिया के सामने अहम जानकारियां दी। वहीं, उन्होंने ईरान की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि ईरान की मौजूदा सरकार आखिरकार गिर जाएगी और वहां की जनता एक दिन अपने शासकों के खिलाफ खड़ी होगी।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान की सरकार का अंत उसके ‘झूठ, भ्रष्टाचार और क्रूरता’ की वजह से होगा। उन्होंने कहा कि यह ‘दुष्ट शासन’ एक दिन खत्म हो जाएगा। UNGA में नेतन्याहू के बयान ने अच्छी-खासी हलचल पैदा कर दी है।
‘जल्द ही ईरान में होगा कुछ बड़ा’
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा,”जल्द ही ईरान में जल्द कुछ अविश्वसनीय होगा। ईरान में एक दिन, और शायद वह दिन बहुत दूर नहीं है, कुछ अविश्वसनीय होगा। ईरान के लोग अपने शासन के खिलाफ उठ खड़े होंगे। यह सिर्फ समय की बात है कि ईरान में कुछ बड़ा बदलाव होगा और वहां का दमनकारी शासन गिर जाएगा।”नेतन्याहू ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए हमास के हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने हमले के दौरान हुई हिंसा को बेहद भयावह बताते हुए इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि दुश्मनों को उम्मीद थी कि इजराइल इस हमले के बाद टूट जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके मुताबिक, इजराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मजबूती से लड़ाई लड़ी।
इजराइली प्रधानमंत्री ने गाजा में इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने इन आरोपों को “21वीं सदी का सबसे बड़ा झूठ” बताया। नेतन्याहू ने दावा किया कि इजराइल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उसे रोकने की कार्रवाई की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमास के समर्थकों को मौका मिलता, तो वे हर यहूदी को मार देते।
हिजबुल्लाह को पेजर अटैक की याद दिलाई
नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के खिलाफ की गई उस कार्रवाई का भी जिक्र किया, जिसमें संगठन के सदस्यों के पास मौजूद पेजर में धमाके हुए थे। क्या आपको पेजर याद हैं? हिजबुल्लाह को तो जरूर याद होंगे।
बता दें कि 17 सितंबर 2024 को लेबनान और सीरिया में हजारों पेजर एक साथ फटे थे, जिससे 3,000 से अधिक लोग घायल हुए और कई लोगों की मौत हो गई थी।
इजरायली प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ कार्रवाई में इजरायल का मजबूत साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने ईरान से जुड़े खतरों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की। नेतन्याहू ने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमले का भी बचाव किया और इसे इजरायल की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।









































