MP News: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव के बीच देर रात मीटिंग हो गई है। इस मीटिंग के बाद आदिवासियों का भोपाल मार्च खत्म हो गया है। आदिवासी रास्ते से लौट गए हैं। सीएम ने उन्हें न्याय का भरोसा दिया है।भोपाल: कोसमी को लेकर सरकार और शिवराज सिंह चौहान में तल्खियां बढ़ गई थीं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वन विभाग के अधिकारियों को नरपिचाश कहा था। साथ ही कहा था कि जुल्म की इंतहा हो गई है। देर रात शिवराज सिंह चौहान और सीएम मोहन यादव के बीच में मीटिंग हुई है। इसके बाद आदिवासियों का आंदोलन खत्म हो गया है।भोपाल मार्च कर रहे थे आदिवासी
दरअसल, कोसमी की घटना को लेकर करीब 5000 आदिवासी भोपाल मार्च कर रहे थे। आदिवासी समाज के लोग सीएम मोहन यादव का घर घेरने वाले थे। इस दौरान सीएम मोहन के मंत्र से रास्त निकल गया है। आदिवासियों ने अपना भोपाल मार्च आधे रास्ते में ही रद्द कर दिया है।
देर रात हुई मीटिंग
देर रात केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासियों के प्रतिनिधि मंडल को लेकर मोहन यादव के पास पहुंचे। इस मीटिंग में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। तीनों नेताओं की मौजूदगी में आदिवासियों की बात सुनी गई।एक घंटे तक चली बात
तीनों नेताओं और आदिवासियों के प्रतिनिधि के बीच करीब एक घंटे तक बात चली है। इस बीच सीएम मोहन यादव ने उन्हें न्याय का भरोसा दिया है। सीएम ने आदिवासियों औऱ शिवराज सिंह चौहान की बातों को ध्यान से सुना है। इसके बाद आदिवासियों ने आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया है। सीएम से भरोसा मिलने के बाद आदिवासी आधे रास्ते से लौट गए हैं।
कोसमी में तोड़ा गया था आदिवासियों का घर
बुधनी के कोसमी वन भूमि पर आदिवासियों ने कब्जा कर रखा था। पक्का मकान होने के बावजूद आदिवासियों ने वहां अपनी झोपड़ी बना ली थी। साथ ही खेती भी शुरू कर दी थी। वन विभाग ने नोटिस देने के बाद उनके घरों को तोड़ दिया था।
शिवराज हो गए थे मुखर
इस कार्रवाई के विरोध में शिवराज सिंह चौहान मुखर हो गए थे। वे आदिवासियों के साथ जाकर धरने पर बैठ गए थे। साथ ही अधिकारियों को खूब भला बुरा सुनाया था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने हमारे निर्देश का पालन नहीं किया। आदिवासी बीजेपी के वोटर्स हैं। अधिकारी सीएम मोहन यादव की बदनामी करवा रहे हैं।
सीएम ने मांगी थी रिपोर्ट
शिवराज के आरोपों पर सीएम मोहन यादव ने कहा था कि अगर हमारे वरिष्ठ नेता ने यह बात उठाई है तो हम इसे गंभीरता से दिखवाएंगे। साथ ही कहा था कि सब कुछ जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।







































