MP News: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान कोसमी में जिन आदिवासियों के साथ खड़े हैं, उन पर वन भूमि कब्जाने का आरोप है। सीहोर कलेक्टर ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। वन भूमि पर कब्जा करने वाले लोगों के अपने पक्के मकान हैं।सीहोर: बुधनी के कोसमी में वन भूमि पर कब्जा कर रहे लोगों की झोपड़ियों को तोड़ा गया है। प्रशासन का दावा है कि सागौन के पौधों को नष्ट करके इनलोगों ने वन भूमि पर कब्जा जमाई है। वही अतिक्रमणकारियों के समर्थन में शिवराज सिंह चौहान खुलकर खड़े हैं। वह प्रशासन के साथ दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीहोर कलेक्टर ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी है।कोसमी की वन भूमि पर कब्जा
दरअसल, सीहोर के बुधनी विधानसभा क्षेत्र स्थित कोसमी वन भूमि पर कब्जा है। 12 परिवार ने सागौन के पौधों को नष्ट करके यहां झोपड़ी बनाई थी। नोटिस देने के बाद वन विभाग ने इसे तोड़ दिया है। तोड़ने के बाद विवाद की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पीड़ित लोगों के पक्ष में आ गए हैं। साथ ही उनके साथ धरना प्रदर्शन किया है।
सीहोर कलेक्टर ने सौंपी रिपोर्ट
वहीं, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई मामले में सीहोर कलेक्टर ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें यह जानकारी सामने आई है कि दूसरे जिलों से आकर लोगों ने यह अवैध रूप से जमीन पर कब्जा किया है। साथ ही पौधों को नष्ट कर दिया है।3.37 लाख पौधों का हुआ था रोपण
रिपोर्ट के अनुसार 2021 में वन विकास निगम ने इस इलाके में 3.37 लाख पौधों का रोपण किया था। इनमें से 78700 पौधों को काटकर वन भूमि पर कब्जा कर लिया गया। रिपोर्ट में 2021 की सैटेलाइट इमेज भी संलग्न है।
कब्जाधारियों के हैं पक्के मकान
वहीं, रिपोर्ट में यह भी बात सामने आई है कि वन भूमि पर कब्जा किए लोगों के अपने पक्के मकान और वोटर आईडी कार्ड भी बने हुए हैं। इनके मकान सिंहपुर और हबीबपुर में हैं। रिपोर्ट में इसकी तस्वीर भी पेश की गई है। अब इसी कार्रवाई के विरोध में वन विकास निगम के बाहर प्रदर्शन चल रहा है।आगे सरकार लेगी फैसला
कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार अब आगे फैसला लेगी। वन विभाग के अधिकारियों ने भी साफ कर दिया है कि वन भूमि पर कब्जा है। साथ ही नियम के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान इनके पक्ष
वन भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों के पक्ष में शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने धरना दिया है। साथ ही कह रहे हैं कि ये उनके साथ अन्याय हो रहा है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि जब उनके पास पक्के मकान हैं तो वन भूमि पर कब्जा क्यों कर रहे हैं।सियासी हित के लिए अतिक्रमणकारियों का साथ
बुधनी शिवराज सिंह चौहान का गढ़ रहा है। अभी रामाकांत भार्गव वहां से बीजेपी के विधायक हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अपने सियासी हित को साधने के लिए सरकारी जमीन पर कब्जे को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे कई सवाल हैं। हालांकि शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे आदिवासियों के बहाने सिस्टम से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं।







































