सुप्रीम कोर्ट की ओर से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत मिलने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने इसे ‘सच्चाई और न्याय की जीत’ करार देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘सच्चाई की जीत हुई है और न्याय हुआ है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को अपनी पत्नी से जुड़े मामले में तथ्यों को सामने रखना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने पवन खेड़ा को अपमानित करने के लिए दिल्ली और हैदराबाद में फोर्स भेजी। प्रमोद तिवारी ने इसे सत्ता का दुरुपयोग और अहंकार बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं हो सकती और यह राजनीतिक प्रतिशोध का स्पष्ट उदाहरण है।









































