नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दो टूक कहा कि अगले साल तक एक-दो राज्यों को छोड़कर पूरा नॉर्थ-ईस्ट इलाका आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट (AFSPA) के दायरे से बाहर हो सकता है। असम-नागालैंड बॉर्डर पर तेल और खनिजों की खोज के लिए केंद्र, असम सरकार और नागालैंड सरकार के बीच हुए तीन-पक्षीय समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर के दौरान अमित शाह ने ये टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पूरा उत्तर-पूर्व आज ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है और यह समझौता क्षेत्र की प्रगति के लिए नई राह खोलेगा।
नागालैंड, असम और केंद्र के बीच ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्ष
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट में स्थायी शांति और विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों के तहत 2019 से अब तक एक दर्जन शांति समझौते हुए हैं। इससे हिंसक घटनाओं में 80 फीसदी की कमी आई है और AFSPA के दायरे में आने वाला कुल इलाका भी 80 फीसदी कम हो गया है।










































