ट्राई नेशन-ए सीरीज के फाइनल में खेली गई वैभव सूर्यवंशी की पारी को दशकों तक याद किया जाएगा। सिर्फ 29 गेंदों के भीतर इस खिलाड़ी ने 94 रन बना डाले। सूर्यवंशी के तेज के सामने श्रीलंकाई गेंदबाज कहीं भी टिकते हुए नजर नहीं आए। मैदान के चारों ओर छक्के-चौको की बरसात से उन्होंने विपक्षी टीम को लाचार बना दिया। 15 साल के खिलाड़ी ने इस पारी से 5 बड़ी उपलब्धियां हासिल की है।वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका के वीरारत्ने के नाम था। उन्होंने साल 2005 में 12 गेंदों में पचासा जड़ा था। भारत की ओर से सरफराज खान इस लिस्ट में थे। उन्होंने 15 गेंदों में साल 2025 में लिस्ट-ए फिफ्टी बनाई थी।वैभव ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पावरप्ले के दौरान सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उनकी इस पारी की वजह से भारत ने सिर्फ 7 ओवर के भीतर ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया था।वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी 29 गेंदों में 94 रन पर समाप्त हुई। उनकी बल्लेबाजी की रफ्तार इतनी तेज थी कि दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स के 30 गेंदों में शतक के विश्व रिकॉर्ड पर खतरा मंडराने लगा था। हालांकि वह शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए। लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने बल्लेबाजी की। उससे क्रिकेट जगत में उनकी खूब चर्चा हुई। यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।










































