नई दिल्ली: भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र प्रताप पांडे ( Lt Gen DP Pandey ) (सेवानिवृत) ने चीन से सीखने की बात कही है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट करते हुए लिखा है कि भारत को पश्चिमी शिक्षा प्रणाली की नकल करने की जरूरत नहीं है। लेफ्टिनेंट जनरल ने इसके नुकसान के बारे में भी बताया है।
लैटिन अमेरिका-चीन की तुलना
दरअसल, लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे (सेवानिवृत) ने पश्चिमी सभ्यता को हद से ज्यादा अपनाने के जोखिम भी गिनाए हैं। लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने एक सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर करते हुए यह बात कही है। जिस पोस्ट को उन्होंने शेयर किया है, उसमें लिखा है कि पहला स्कूल लैटिन अमेरिका में है। दूसरा, यानी आखिर वाला, चीन का स्कूल है। शिक्षा से बहुत कुछ पता चलता है। भले ही इससे सब कुछ पता न चले।
शिक्षा के मुद्दे पर हुआ आंदोलन
लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने शिक्षा को लेकर यह पोस्ट ऐसे समय की है, जब हाल ही में नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का बड़ा आंदोलन हुआ। विरोध-प्रदर्शन का परिणाम यह हुआ कि भारत के शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान हजारों छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए थे और उन्होंने 20 जुलाई को संसद का घेराव भी किया था। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों के प्रदर्शन का हिस्सा थे। उन्होंने पूरे 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी।











































