टाटा ग्रुप की मुश्किल बना 37 साल पुराना मामला, अब टाटा ट्रस्ट्स के वाइस चेयरमैन ने भी कर दी जांच की मांग

0

नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप में 37 साल पुराना एक मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यह मामला 1989 में शेयरों के ट्रांसफर से जुड़ा है। इस मामले में महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर को कुछ दिन पहले शिकायत की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि करीब चार दशक पहले नवाजबाई रतन टाटा ट्रस्ट से टाटा संस लिमिटेड के 833 शेयरों के ट्रांसफर में गड़बड़ी हुई थी। अब टाटा ट्रस्ट्स के वाइस चेयरमैन विजय सिंह ने भी इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की है।

ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिंह ने 10 जून को महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा कि ऐसी जांच से टाटा ट्रस्ट्स के कामकाज में जनता का भरोसा बहाल करने और उनकी विश्वसनीयता तथा प्रतिष्ठा बनाए रखने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने लिखा, ‘सर रतन टाटा ट्रस्ट और नवाजबाई रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी के तौर पर, मुझे लगता है कि इन शेयरों के ट्रांसफर की कानूनी वैधता और औचित्य, दोनों की स्वतंत्र जांच का अनुरोध करना मेरा कर्तव्य है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।’हितों का टकराव

नोएल टाटा ने सवालों का जवाब नहीं दिया। चैरिटी कमिश्नर के कार्यालय से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। हालांकि टाटा ट्रस्ट्स ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया लेकिन सिंह का कहना है कि ट्रांजैक्शन के बारे में विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। सिंह ने कहा कि इन आरोपों से यह चिंता भी पैदा होती है कि शेयरों का फायदा आखिरकार नवल टाटा के परिवार के सदस्यों को मिला, जिनमें से कुछ अभी भी टाटा ट्रस्ट में अहम पदों पर हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here