देवास जहरीली शराब मामले में पुलिस ने कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल इंदौर से सप्लाई किया गया था। पिता ने सफाई देते हुए कहा है कि केमिकल की बिक्री लीगल दस्तावेजों और जीएसटी रिकॉर्ड के साथ की गई थी।देवास: मध्य प्रदेश के चर्चित देवास जहरीली शराब कांड में पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 10 आरोपियों से पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की है, जिन पर अवैध शराब बनाने के लिए केमिकल सप्लाई करने का संदेह है। कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि पूछताछ और सबूतों के आधार पर अमन को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या अमन को इस बात की जानकारी थी कि उस केमिकल का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाना है, और फिलहाल इस पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है।
पिता ने दी सफाई, कहा- सभी दस्तावेज लीगल हैं
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल ने अपने बेटे और फर्म पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि केमिकल पूरी तरह से कानूनी रूप से ट्रांसपोर्ट डॉक्यूमेंट्स औरजीएसटी रिकॉर्ड के साथ बेचे गए थे। उनकी फर्म पिछले 20 सालों से कारोबार कर रही है और वे ग्राहकों द्वारा किए गए किसी भी दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराए जा सकते।ऐसे सामने आया पूरा खेल
जांच में खुलासा हुआ है कि इस अवैध धंधे का मास्टरमाइंड इंदौर निवासी अजय राठौर है। आरोप है कि राठौर ने ऑनलाइन शराब बनाने की विधि समझी। इसके बाद इंदौर के दवा बाजार से केमिकल खरीदा गया, जिसे लोहा मंडी के महावीर मार्केट स्थित गोदाम से डिस्पैच कर 1 अक्टूबर को राठौर के क्षिप्रा स्थित आवास पर डिलीवर किया गया था।
केमिकल में पानी मिलाकर बेचा
अजय राठौर ने इस केमिकल में पानी मिलाकर और उसे लाइसेंस प्राप्त शराब की तरह पैक कर बाजार में खपाया। क्षिप्रा, भाड़ा पिपलिया और चंदना की दुकानों के जरिए इसे सप्लाई किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ‘राइजिंग ब्रदर्स’ के लोहा मंडी गोदाम को सील कर दिया है और डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल चंदना निवासी जितेंद्र मालवीय और राहुल गोस्वामी की तलाश जारी है।










































