चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल कर चुका है। जिसके प्रभाव से राज्य में तेज हवाएं और भारी बारिश देखने को मिल रही है। अब यह तूफान किन राज्यों की ओर बढ़ेगा, आइए जानते हैं।Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी से उठा प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकरा चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि लैंडफॉल के बाद यह तूफान किस दिशा में आगे बढ़ेगा और किन राज्यों में इसका असर देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान और ट्रैक मैप के मुताबिक, अर्नब उत्तर-पश्चिम से उत्तर दिशा की तरफ बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है। इसका प्रभाव आंध्र प्रदेश के बाद तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिखाई देने की आशंका है।
आंध्र प्रदेश से शुरू होगा आगे का सफर
IMD के अनुसार, 28 अक्टूबर की सुबह अर्नब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के तट के पास लगभग स्थिर था। उस समय इसका केंद्र नरसपुर से करीब 30 किलोमीटर पूर्व, यनम से 45 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से 70 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था।अब किधर बढ़ेगा अर्नब तूफान?
लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तूफान के उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने का अनुमान है। इसके बापटला और विशाखापट्टनम के बीच तटीय क्षेत्र से गुजरने की संभावना जताई गई थी। तूफान के साथ हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों में 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान था। जमीन पर पहुंचने के बाद शुष्क हवाओं और घर्षण के कारण तूफान धीरे-धीरे कमजोर पड़ना शुरू हो जाएगा। हालांकि, इसके कमजोर होने के दौरान भी तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना रह सकता है।किन राज्यों से होकर गुजरेगा अर्नब?
पूर्वानुमानित ट्रैक के मुताबिक, अर्नब आंध्र प्रदेश के तटीय और आंतरिक इलाकों से आगे बढ़ते हुए तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद यह मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों से होते हुए गुजरते हुए उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की ओर रुख करेगा। जमीन पर आगे बढ़ने के साथ ही यह ‘प्रचंड चक्रवाती तूफान’ से कमजोर होकर ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’, फिर ‘चक्रवाती तूफान’, ‘डीप डिप्रेशन’ और अंत में एक ‘निम्न दबाव क्षेत्र’ (Low Pressure Area) में तब्दील हो जाएगा। हालांकि, तूफान की वास्तविक दिशा और उसकी गति मौसम की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है। इसलिए इसके आगे के सफर को लेकर IMD के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है।
लखनऊ-गोरखपुर तक पहुंच सकता है असर
अर्नब के ट्रैक को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों पर भी नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग के ट्रैक मैप के मुताबिक, तूफान कमजोर पड़ते हुए उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। इस दौरान लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और गोरखपुर के आसपास के क्षेत्रों में इसके अवशेषों का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
अनुमान है कि 30 अक्टूबर के आसपास यह कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो सकता है। पूर्वी यूपी के गोरखपुर, देवरिया, बस्ती और कुशीनगर समेत आसपास के जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, इन इलाकों में बारिश की तीव्रता और समय की पुष्टि के लिए IMD के ताजा जिला-स्तरीय पूर्वानुमान को देखना जरूरी है।
यूपी में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
अर्नब के कमजोर होने के बावजूद इसके प्रभाव से गरज-चमक, बारिश और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं। उत्तर प्रदेश में 28 से 30 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव की आशंका है। भारी बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है। ऐसे में किसानों को खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा का ध्यान रखने और लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन को भी संवेदनशील और निचले इलाकों पर नजर रखनी चाहिए।
फिलहाल, अर्नब का अगला रास्ता और उत्तर प्रदेश में इसके संभावित असर की स्थिति मौसम विभाग के अपडेट के आधार पर ही स्पष्ट होगी। तूफान की दिशा, गति और तीव्रता में बदलाव संभव है, इसलिए लोगों को IMD और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।







































