दो मासूम बच्चों के साथ पिता की आत्महत्या का मामला अब भी रहस्य, 7 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली,

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कटंगी थाना क्षेत्र के ग्राम जरामोहगांव में दो मासूम बच्चों को साथ लेकर पिता द्वारा कुएं में कूदकर आत्महत्या किए जाने की दर्दनाक घटना को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस इस मामले की कोई ठोस वजह तलाश नहीं कर सकी है। शुरुआती जांच और पूछताछ के बावजूद पुलिस के हाथ ऐसा कोई स्पष्ट कारण नहीं लगा है, जिससे यह समझा जा सके कि आखिर एक पिता ने अपने मासूम बच्चों के साथ इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। 13 मई को ग्राम जरामोहगांव में श्याम पिता भागवत नागेंद्र ने अपने पांच वर्षीय बेटे वंश और तीन वर्षीय बेटी भूरी के साथ कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। बताया गया था कि घटना के एक दिन पहले शाम के समय श्याम अपने दोनों बच्चों को गांव में बारात दिखाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद अगले दिन मंगलवार सुबह गांव के एक कुएं में श्याम और उसके दोनों बच्चों के शव मिले थे। इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह था कि दोनों मासूम बच्चे अपने पिता के शरीर से गमछे के सहारे बंधे हुए थे। घटना का दृश्य देखकर गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल बन गया था।

मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने तीनों की मौत पानी में डूबने से होना बताया है। हालांकि अब तक की जांच में आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने नहीं आ सकी है। कटंगी एसडीओपी विकास कुमार ने बताया कि पुलिस इस पूरे मामले की अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है, ताकि घटना की सच्चाई तक पहुंचा जा सके। उन्होंने बताया कि अभी तक मृतक श्याम नागेंद्र के परिजनों की ओर से किसी भी व्यक्ति पर अभी तक संदेह नही जताया गया है। एसडीओपी ने बताया कि पुलिस श्याम और उसकी पत्नी के सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है। इसके अलावा मोबाइल फोन का तकनीकी परीक्षण भी किया जा रहा है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले श्याम किन लोगों के संपर्क में था और उसकी मानसिक स्थिति कैसी थी। पुलिस के अनुसार श्याम एलआईसी का कार्य भी करता था, इसलिए उसकी डायरी, नोटबुक और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। उसके दोस्तों और परिचितों से पूछताछ कर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह किसी आर्थिक, पारिवारिक या मानसिक तनाव से गुजर रहा था। हालांकि अब तक की पूछताछ में ऐसा कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है, जिससे आत्महत्या की वजह स्पष्ट हो सके। घटना को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं भी जारी हैं। लोगों का मानना है कि कोई न कोई गंभीर कारण जरूर रहा होगा, जिसने एक पिता को अपने दो मासूम बच्चों सहित आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया। हालांकि पुलिस फिलहाल बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे तथ्यों और सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। एसडीओपी विकास कुमार ने कहा कि पुलिस जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहती। हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य तकनीकी एवं मनोवैज्ञानिक पहलुओं को भी जांच में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के सात दिन बाद भी यह मामला रहस्य बना हुआ है और पूरे क्षेत्र की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है।

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