नई दिल्ली: राफेल लड़ाकू विमान की कीमत और सोर्स कोड को लेकर विवाद लंबे समय से चलता रहा है। लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक राफेल फाइटर जेट को लेकर फ्रांस एक ऐसे समझौते पर पहुंच रहा है कि ये फाइटर जेट बिल्कुल देशी बन जाएगा। यानि भविष्य में राफेल को लेकर भारत की संप्रभुता को कोई खतरा नहीं होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और फ्रांस के बीच राफेल लड़ाकू विमान के एफ4 और एफ4 प्लस वैरिएंट पर बात चल रही है और कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है या जल्द बनने की संभावना है। भारतीय डिफेंस सूत्रों का कहना है कि असल में राफेल एफ से भी ज्यादा एडवांस वैरिएंट को लेकर बात चल रही है और बहुत सारे कस्टमाइजेशन पर सहमिक बन गई है।
आईडीआरडब्लू ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि राफेल F4+ को फ्रांस के मौजूदा F4 आर्किटेक्चर और 2030 के दशक में आने वाली कहीं ज्यादा एडवांस, अत्यधिक गोपनीय F5 पीढ़ी के बीच एक सेतु के रूप में तैयार किया जा रहा है। लेकिन भारतीय वेरिएंट सिर्फ तकनीकी अपग्रेड नहीं होगा बल्कि इसका उद्देश्य राफेल को भारत की सामरिक आवश्यकताओं के मुताबिक एक स्वतंत्र युद्ध प्रणाली में बदलना है जिसमें भारतीय हथियार, कम्युनिकेशन नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और स्वदेशी डेटा संरचनाएं गहराई से जुड़ी होंगी। राफेल को खास तौर पर स्टील्थ फाइटर्स को मारने के लिए डिजाइन किया जाएगा।








































