भोपाल। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के दो वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश में ई-एफआईआर व्यवस्था अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी है। एक जुलाई 2024 से अब तक मध्य प्रदेश में केवल 5,843 ई-एफआईआर ही दर्ज हो सकी हैं। यह औसतन प्रतिमाह 250 से भी कम है।चिंताजनक तथ्य यह है कि इस अवधि में 19 हजार से अधिक ई-एफआईआर आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन उनमें से अधिकांश एफआईआर में परिवर्तित नहीं हो पाए। पुलिस मुख्यालय की समीक्षा में सामने आया है कि शिकायतकर्ताओं द्वारा नियमानुसार तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर सत्यापन न कराने और पुलिस की सीमित रुचि इसके प्रमुख कारण हैं।










































