राजगढ़ जिले के पड़ाना कस्बे में अपने नाले का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा था।तब ही नाला पार करते समय एक कार बह गई। कार में महिलाओं व बच्चों सहित 11 लोग सवार थे। हादसे में दो लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया, जबकि दोपहर 1:45 बजे तक 7 लोगों के शव बरामद कर लिए थे। बाकी की तलाश जारी थी।
जानकारी के मुताबिक देवास जिले के सतवास गांव निवासी एक परिवार के 11 लोग ईको कार में सवार होकर राजगढ़ जिले के सारंगपुर तहसील के कड़नावद गांव में स्थिति एक धार्मिक स्थल पर दर्शन करने के लिए जा रहे थे।कार में 4 बच्चे, 4 महिलाएं व तीन पुरूष सवार थे। कार जैसे ही पड़ाना बायपास पर पहुंची तो वहां एक नाला अपने पूरे वेग से बह रहा था।नाला पूरे उफान पर होने के कारण उसका पानी सड़क पर भी काफी ऊपर तक था। तभी चालक ने कार को रोकने के बजाए उसे पार करने की कोशिश की। इस प्रयास में कार नाले के बहाव के आगे टिक नहीं सकी और अनियंत्रित होकर देखते ही देखते नाले में बह गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दो पुरूषों को बाहर निकाल लिया गया था। सबसे पहले तीन वर्ष के एक बच्चे का शव मिला। इसके बाद महिलाओं व बच्चों को मिलाकर दोपहर तक 7 लोगों के शव बाहर निकाल लिए थे। हादसे में मुकेश व हुकुमसिंह नामक दो युवक जिंदा बचे हैं।
सड़क व नाले को समझ नहीं पाया ड्राइवर, नाले में उतारी कार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाले का पानी सड़क पर इतना अधिक था कि ड्रायवर यह समझ ही नहीं पाया कि सड़क किधर है और नाला किधर है। इसी असमंजस में जैसे ही कार अनियंत्रित हुई और सड़क की और आने की बजाए सीधे नाले की और चली गई।
इसके कारण चंद मिनिटों में ही कार नाले में समा गई। किसी को न बचने का मौका मिला और न ही स्थानीय लोगों को बचाव करने का समय मिला। नाली काफी गहरा था तो कार गिरते के साथ ही लोगों की आंखों से ओझल हो गई।
ड्राइवर से काफी मना किया, पर वह माना नहीं
स्थानीय लोगों ने बताया कि वहां पांच-छह लोगों ने कार चालक से काफी मना किया।कहा कि नाले का बहाव तेज है और हादसा हो सकता है। इसलिए कार को मत निकालो।कुछ समय यहीं रूककर इंतजार कर लो।बारिश रूकेगी तो नाले का बहाव कम हो जाएगा। नाला उतरने के बाद कार निकाल लेना। आसपास के लोग भी उस समय नाला पार नहीं कर रहे थे, लेकिन ड्राइवर माना नहीं और कार को उतार दिया। तब ही यह हादसा हो गया।
राहत व बचाव कार्य जारी
हादसे की जानकारी लगने के साथ ही रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया।सारंगपुर एसडीएम, एसडीओपी सहित पुलिस-प्रशासन की टीमें रेस्क्यू आपरेशन में लगी थी। ग्रामीण भी रस्सों के माध्यम से रेस्क्यू करने में जुटे थे। कई घंटों के प्रयास के बाद छह के शव निकाले गए। कार को बमुश्किल बाहर निकाला जा सका। बांकी लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। फिलहाल सभी 6 शव पड़ाना में ही रखे गए हैं।
कार मुकेश नायक चला रहा था जो धांसड़ गांव का रहने वाला है। उनके भाई बाला नायक ने बताया उनको हादसे की सूचना सुबह 11.30 बजे के आसपास तब मिली जब उनके भाई मुकेश ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से मुझे फोन लगाया।










































