होर्मुज में भारतीय की मौत के बाद नई दिल्ली सख्त;कहा- सुरक्षित और निर्बाध नौवहन जरूरी, ट्रंप के 20% फीस वसूलने वाले बयान पर भी दी प्रतिक्रिया

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होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर से हालात बिगड़ गए हैं। दो तेल टैंकरों एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर हुए ईरानी हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत और 10 अन्य भारतीयों के घायल होने के बाद भारत सरकार ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप मिशन प्रमुख (डीसीएम) को तलब कर सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के तेल टैंकर एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर उस समय हमला किया गया, जब वे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे। दोनों जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 30 भारतीय नाविक शामिल थे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि एमटी अल बहियाह पर मौजूद 12 भारतीयों में से एक की मौत हुई है और एक अन्य घायल हुआ है। वहीं एमटी मोम्बासा पर सवार 18 भारतीयों में से नौ घायल हुए हैं,जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

विदेश मंत्रालय ने मृतक भारतीय नाविक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही बताया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय मिशन और दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और प्रभावित भारतीय नाविकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहे हैं।

ईरान के वरिष्ठ राजनयिक को किया गया तलब

विदेश मंत्रालय ने बताया कि नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (Deputy Chief of Mission) को तलब कर हमलों के खिलाफ भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भारत का रुख

इस दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य पर नौसैनिक नाकाबंदी और 20 प्रतिशत सुरक्षा शुल्क लगाने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा,”भारत हमेशा से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सुरक्षित और निर्बाध नौवहन तथा व्यापार का समर्थन करता रहा है। यह केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”

भारत ने की संवाद व कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील

साथ ही भारत ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और सुरक्षित नौवहन के लिए गंभीर खतरा बताया है। मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने, हिंसा रोकने और संवाद व कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील की है।

पीओजेके पर पाकिस्तान को घेरा

इसके साथ ही विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) में जारी विरोध प्रदर्शनों पर भी प्रतिक्रिया दी। भारत ने कहा कि वहां के लोगों का आक्रोश पाकिस्तान के दशकों पुराने दमन, खराब प्रशासन और व्यवस्थित उपेक्षा का परिणाम है। भारत ने आरोप लगाया कि लोगों की मांगों को सुनने के बजाय पाकिस्तान ने निहत्थे नागरिकों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल किया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराना चाहिए।

यूएई ने बताया मिसाइल हमला

संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एमटी मोम्बासा और एमटी अल बहियाह पर ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य की दक्षिणी नौवहन लेन से गुजरते समय ईरान की ओर से दागी गई दो क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। इन हमलों से दो दिन पहले भी साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज जीएफएस गैलेक्सी पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय चालक दल सदस्य लापता हो गया था।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ा संकट

दोनों तेल टैंकरों पर हमला ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष में अब तक पश्चिम एशिया में 14 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। ताजा घटनाक्रम ने जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम और शांति समझौते के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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