सऊदी अरब ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे उसके तेल टैंकर ‘सिद्र’ को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जिसमें चालक दल के कुछ सदस्यों की मौत हुई। कतर और कुवैत ने भी घटना की निंदा की है।सऊदी अरब ने ईरान पर उसके तेल टैंकर ‘सिद्र (Sidr)’ को होर्मुज जलडमरूमध्य में निशाना बनाने का आरोप लगाया है। सऊदी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में टैंकर के चालक दल के कुछ सदस्यों की मौत हुई है। सऊदी अरब ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव पर चिंता जताई है। सऊदी अरब ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर हाल ही में हुए ईरानी हमलों की भी कड़ी निंदा की। रियाद ने इन देशों के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि उन्हें अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का अधिकार है।
समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर जोर
सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। यह मार्ग वैश्विक तेल और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम माना जाता है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर, देशों की संप्रभुता और समुद्री यातायात की स्वतंत्रता का सम्मान करने की अपील की। सऊदी अरब ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, सैन्य तनाव तुरंत रोकने और विवादों का समाधान कूटनीतिक वार्ता के जरिए करने का आग्रह किया।
कतर ने भी की हमले की निंदा
सऊदी टैंकर ‘सिद्र’ पर कथित हमले के बाद कतर ने भी ईरान की कार्रवाई की निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि टैंकर को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्री यातायात की स्वतंत्रता का उल्लंघन है। कतर ने साफ कहा कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को किसी भी देश द्वारा दबाव बनाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कतर ने इस मार्ग को तुरंत और बिना शर्त सुरक्षित रूप से खुला रखने की मांग की। कतर ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि वह अपने हितों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए रियाद की ओर से उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करता है।कुवैत ने जताई वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की चिंता
कुवैत ने भी सऊदी तेल टैंकर पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्री हमलों का बढ़ता सिलसिला वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में आवाजाही के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। कुवैत ने क्षेत्र में तत्काल सैन्य तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही उसने सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता जताई।
ईरान के अमेरिकी ठिकानों पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार, उसकी सेनाओं ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के दावे के अनुसार, ये हमले जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, बहरीन और इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर किए










































