तमिलनाडु के अलग-अलग मामलों में बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद हुआ था। एक मामले में NCB ने 1.470 किलो मेथामफेटामाइन बरामद किया था। जांच में ड्रग्स की बिक्री से मिले पैसों को हवाला के जरिए श्रीलंका भेजे जाने की बात सामने आई है।ड्रग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दक्षिण भारत के कई राज्यों में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कार्रवाई के बाद अब मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज कर दी गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PMLA के तहत तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया है। जांच में सामने आया है कि ड्रग्स की तस्करी से कमाए गए पैसों को हवाला, बैंक खातों और दूसरी वित्तीय गतिविधियों के जरिए इधर-उधर किया गया। इसके अलावा इस पैसे से प्रॉपर्टी, गाड़ियां और दूसरे कारोबार में निवेश किए जाने का भी आरोप है।
तमिलनाडु में कई ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई
तमिलनाडु के अलग-अलग मामलों में बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन बरामद हुआ था। एक मामले में NCB ने 1.470 किलो मेथामफेटामाइन बरामद किया था। जांच में ड्रग्स की बिक्री से मिले पैसों को हवाला के जरिए श्रीलंका भेजे जाने की बात सामने आई है। चेन्नई के एक ठिकाने से करीब 1.29 करोड़ रुपये की भारतीय करेंसी, 30 हजार अमेरिकी डॉलर और श्रीलंकाई करेंसी भी बरामद की गई थी। एक अन्य मामले में चेन्नई के पास 5.970 किलो मेथामफेटामाइन बरामद किया गया था। जांच में हवाला के जरिए ड्रग्स के पैसों के लेन-देन का शक सामने आया। इस मामले में करीब 39.38 लाख रुपये नकद, 586 ग्राम सोना और 1 किलो चांदी जब्त की गई थी।
एक अन्य बड़े मामले में NCB ने 54.600 किलो मेथामफेटामाइन बरामद किया था। जांच में आरोप है कि ड्रग्स से कमाए गए पैसों से आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी गई। इस मामले से जुड़े चेन्नई के छह ठिकानों पर PMLA के तहत तलाशी चल रही है।ड्रग्स के पैसे से 54 झींगा फार्म खरीदने का आरोप
तमिलनाडु के एक अन्य मामले में M. Alex के पास से करीब 950 ग्राम मेथामफेटामाइन, 2 लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और एक कार बरामद हुई थी। जांच एजेंसियों को शक है कि ड्रग्स से कमाए गए पैसे को परिवार के सदस्यों और दूसरे लोगों के नाम पर इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स की कमाई से नागपट्टिनम, वेलंकन्नी और थलियामाडी इलाके में करीब 54 झींगा फार्म और कई वाहन खरीदे गए। इस मामले में छह ठिकानों पर तलाशी जारी है।
कर्नाटक में करोड़ों के लेन-देन की जांच
कर्नाटक के मामले में आरोपी के खिलाफ कई NDPS केस दर्ज हैं। वित्तीय जांच में आरोपी और उसकी पत्नी के छह बैंक खातों में कुल 5.15 करोड़ रुपये से ज्यादा का क्रेडिट मिला है। इनमें करीब 2.39 करोड़ रुपये नकद जमा किए गए। इसके अलावा करीब 57 लाख रुपये के संदिग्ध UPI लेन-देन और आठ प्रॉपर्टी का भी पता चला है। जांच में आरोप है कि प्रॉपर्टी खरीदने से पहले बैंक खातों में नकद रकम जमा की जाती थी और फिर बैंकिंग चैनल के जरिए भुगतान किया जाता था। कर्नाटक के कोलार जिले के तीन ठिकानों पर PMLA के तहत तलाशी चल रही है।
तेलंगाना में 53.5 किलो गांजा, नकदी बरामद
तेलंगाना में एक परिवार से जुड़े ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस की तीन कार्रवाइयों में करीब 53.5 किलो गांजा और 67.35 लाख रुपये की बेहिसाब नकदी बरामद हुई थी। जांच में पता चला कि गांजा खरीदकर उसे छोटे पैकेटों में तैयार किया जाता था और फिर हैदराबाद के आसपास के इलाकों में बेचा जाता था। जांच एजेंसी को आरोपी के नाम पर 2021 से 2023 के बीच खरीदी गई करीब 86.78 लाख रुपये की तीन प्रॉपर्टी का भी पता चला है। एजेंसी को शक है कि इन प्रॉपर्टी में ड्रग्स से कमाए गए पैसे का इस्तेमाल किया गया।
केरल में बैंकॉक से गांजा लाने वाले नेटवर्क का खुलासा
केरल में एक आरोपी के पास से करीब 1.166 किलो हाइब्रिड गांजा बरामद होने के बाद जांच आगे बढ़ी। उसके घर से करीब 15 किलो और गांजा बरामद किया गया। पूछताछ में एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच के मुताबिक, बैंकॉक से हाइब्रिड गांजा लाकर कैरियर के जरिए कोच्चि पहुंचाया जाता था। इसके बाद गांजा अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया जाता था और स्थानीय बाजार में इसकी सप्लाई की जाती थी। जांच में हवाला और ड्रग्स की बिक्री से मिले पैसों के मैनेजमेंट की भी बात सामने आई है। इस नेटवर्क से जुड़े चार ठिकानों पर तलाशी जारी है।
केरल में MDMA तस्करी का भी मामला
एक अन्य मामले में मस्कट से भारत पहुंचे आरोपी के पास से करीब 949 ग्राम MDMA बरामद किया गया था। जांच के मुताबिक, ड्रग्स को भारत में स्थानीय स्तर पर सप्लाई किया जाना था। इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। PMLA के तहत जांच में ड्रग्स से कमाए गए पैसों, बैंक खातों, प्रॉपर्टी और दूसरे दस्तावेजों का पता लगाने के लिए आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी चल रही है।
ड्रग्स की कमाई का पूरा नेटवर्क खंगाल रही एजेंसी
ED की जांच का मुख्य फोकस ड्रग्स की बिक्री से हुई कमाई का पूरा मनी ट्रेल पता करना है। एजेंसी यह पता लगा रही है कि ड्रग्स से कमाया पैसा किन लोगों तक पहुंचा, कहां जमा हुआ, हवाला के जरिए कहां भेजा गया और उससे कौन-कौन सी चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं। तलाशी के दौरान बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, डिजिटल पेमेंट से जुड़े दस्तावेज, प्रॉपर्टी के कागजात, कैश, जेवर और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।










































