4 महीने में पैसा डबल करने का झांसा–49 लोगों से 47.50 लाख की ठगी करने वाले दो भाईयों को 7-7 साल की सजा-9-9 लाख रुपये अर्थदंड

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बड्स एक्ट की विशेष अदालत का बड़ा फैसला
निवेशकों को मिली राहत

बालाघाट/
चार महीने में रकम दोगुनी करने का सपना दिखाकर 49 लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एवं बड्स एक्ट-2019 ने कड़ी सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश दीपनारायण सिंह ने आरोपी सौरभ हलकरे और विकास हलकरे को दोषी ठहराते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास सहित कुल 9-9 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। दोनों भाई लालबर्रा थाना क्षेत्र में आने वाले ग्राम कंजई निवासी है।

अभियोजन के अनुसार आरोपी वर्ष 2022 से मई 2023 तक बालाघाट के गायखुरी रोड स्थित सरदार पटेल कॉलेज के पास कार्यालय संचालित कर रहे थे। यहां लोगों को मात्र चार महीने में रकम दोगुनी करने का लालच दिया जाता था। निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों द्वारा डबल राशि के चेक भी दिए जाते थे और कहा जाता था कि मैच्योरिटी पूरी होने पर रकम वापस मिल जाएगी।आरोपियों के झांसे में आकर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 49 लोगों ने लगभग 47 लाख 50 हजार रुपये निवेश कर दिए। किसी ने बेटी की शादी के लिए जमा पूंजी लगाई थी तो किसी ने बच्चों की पढ़ाई, खेती किसानी और मकान निर्माण के लिए बचत की रकम निवेश की थी। लेकिन समय पूरा होने के बाद भी निवेशकों को न पैसा मिला और न ही दोगुनी राशि।जब निवेशकों ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद लोगों को केवल आश्वासन ही मिलता रहा। अंततः पीड़ितों ने थाना कोतवाली बालाघाट में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 198/2023 के तहत धारा 420, 120 बी 34 भादवि एवं अविनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम 2019 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को पर्याप्त साक्ष्य मिले जिसके आधार पर न्यायालय में चालान पेश किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों के बयान एवं अन्य प्रमाण प्रस्तुत किए। विशेष लोक अभियोजक एवं सहायक संचालक अभियोजन कपिल कुमार डहेरिया ने प्रभावी पैरवी करते हुए आरोपियों के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा।न्यायालय ने दोनों आरोपियों को अविनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम 2019 की धारा 21(3) के तहत 7-7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 7-7 लाख रुपये अर्थदंड, धारा 420 भादवि के तहत 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1-1 लाख रुपये अर्थदंड तथा धारा 120-बी के तहत 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1-1 लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।न्यायालय के इस फैसले को निवेशकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। साथ ही यह फैसला उन लोगों के लिए भी सख्त संदेश है।जो डबल मनी और जल्दी मुनाफा देने जैसी फर्जी योजनाओं के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने का प्रयास करते हैं।

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