नई दिल्ली: पुणे स्थित आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियो-थोरेसिक साइंसेज (AICTS) के विशेषज्ञों ने एक बेहद जटिल ब्रोंकोस्कोपिक प्रक्रिया के माध्यम से बाएं फेफड़े के वायुमार्ग में गहराई तक फंसे संक्षारक तारों वाले खतरनाक एलईडी बल्ब को निकालकर 9 महीने के शिशु की जान सफलतापूर्वक बचाई।
जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली इस आपात स्थिति में वायुमार्ग के अवरुद्ध होने और फेफड़ों की बड़ी सर्जरी का खतरा था। लेकिन डॉक्टरों ने बेहद सतर्कता के साथ इसे संभाला, जिससे सांस लेने की दर सामान्य हो पाई और बिना किसी जटिलता के संभावित रूप से घातक परिणाम को टाल दिया गया।










































