जहां एक ओर 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव होना है जिसको लेकर जिले में बसों का अधिग्रहण किया गया है तो वहीं स्थानीय बस स्टैंड में 18 अप्रैल की सुबह से ही यात्री अपने गंतव्य तक जाने के लिए इधर से उधर भटकते रहे और बसों का इंतजार करते रहे, वहीं कुछ बस तो चल रही थी लेकिन कुछ ऐसे भी यात्री थे जो घंटो से अपने गंतव्य तक जाने के लिए बसों का इंतजार कर रहे थे ,तो वहीं बस नहीं चलने की वजह से कुछ यात्री ट्रेन से अपना सफर करते नजर आए तो वहीं रेलवे स्टेशन में भी बसों के नहीं चलने से काफी भीड़ नजर आई
आपको बता दे की लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए 19 अप्रैल को मतदान होना है जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा बसों का अधिग्रहण किया गया है तो वहीं स्थानीय बस स्टैंड में 18 अप्रैल की सुबह से ही यात्रियों को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा, तो वही कुछ यात्रियों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए घंटो बस का इंतजार करना पड़ा बहुत से यात्रियों को यह जानकारी नहीं थी कि चुनाव के लिए बसों का अधिग्रहण किया गया है इसलिए बस स्टैंड में बस नही मिली तो रेलवे स्टेशन की ओर निकल पड़े और उन्होंने ट्रेन से अपनी यात्रा की जिसके चलते बालाघाट रेलवे स्टेशन में काफी भीड़ नजर आई, लोग अधिकतर बसों के बंद होने की वजह से ट्रेन से अपना सफर करते नजर आए बताया जा रहा है कि 19 अप्रैल को भी यही स्थिति बनी रहेगी, क्योंकि चुनाव के लिए अधिग्रहण की हुई बस 19 अप्रैल की देर रात तक ही खाली हो पाएंगे
घंटों इंतजार करते रहे यात्री बसों का –
लोकसभा चुनाव होने की वजह से अधिकतर बसों को जिला प्रशासन द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया था जिसकी जानकारी बहुत कम लोगों को ही थी जिसके कारण लंबे रूट से आ रहे लोगों को यहां आने के बाद पता चला कि चुनाव के कारण जिला प्रशासन द्वारा बसों का अधिग्रहण कर लिया गया है जिस कारण से वह घंटो बसों का इंतजार करते नजर आए तो वहीं लोगों को भीषण गर्मी में थोड़ी परेशानी का सामना भी करना पड़ा
कुछ बसें चलती रही –
भले ही अधिकतर बसों को जिला प्रशासन द्वारा चुनाव के लिए अधिग्रहित कर लिया गया था लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के हिसाब से कुछ बस ऐसी भी रखी गई थी, जो कुछ घंटे के लंबे अंतराल के बाद स्थानीय स्तर पर चल रही थी जिसके कारण कुछ यात्री अपनी यात्रा कर रहे थे ,तो वही गोंदिया, महाराष्ट्र और नागपुर के लिए जाने वाली बसें भी तीन से चार घंटो के अंतराल में चल रही थी
रेलवे स्टेशन में नजर आई भीड़ –
बस के अधिग्रहण के बाद यात्रियों को सफर करने के लिए ट्रेन का सहारा लेना पड़ा जिस कारण से रेलवे स्टेशन में काफी भीड नजर आई और यात्रियों द्वारा अपने घर तक जाने के लिए ट्रेन का सहारा लेना पड़ा और वह रेलवे स्टेशन पहुंचे, किंतु लगातार ट्रेन नहीं चलने की वजह से रेलवे स्टेशन में भी यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ नजर आई ,तो वही देर शाम तक लोग अपने गंतव्य तक जाने के लिए ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए
दिन भर ऑटो रिक्शा दौड़ते नजर आये –
बस के नहीं चलने से स्थानीय स्तर पर जाने वाले यात्रियों को ऑटो ,रिक्शा का सहारा लेना पड़ा और देखा गया कि जिन स्थानों पर यात्री बसें खड़ी रहती थी वहां पर ऑटो खड़े नजर आए, जिनसे लोगों के द्वारा स्थानीय स्तर पर यात्रा की गई और दिन भर ऑटो, रिक्शा शहर में दौड़ते नजर आए और यात्री अपने गंतव्य तक लोकल स्तर पर अपनी यात्रा करते रहे










































