पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय से लगभग ८ किमी दूर सोनेवानी वन्यजीव परिक्षेत्र से सटे ग्राम चिचगांव स्थित शासकीय हाई स्कूल के बाउण्ड्रीवाल के अंदर घुसते हुए बीती रात एक हिंसक वन्यप्राणी बाघ दिखाई दिया है। साथ ही गांव के नजदीक भी बाघ का मूवमेंट बना हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। वहीं बाघ को गांव के शासकीय हाई स्कूल के समीप विचरण करते हुए देखा गया है। जिसकी मार्ग से गुजरते समय आने-जाने वाले ग्रामीण ने मोबाइल में उसकी फोटो भी कैद किया है, साथ ही अन्य लोगों ने भी देखा है। जिसके बाद से ग्रामीणजन दहशत में जी रहे है। इस दौरान अगर कोई व्यक्ति एवं मवेशी उसके संपर्क में आ जाते तो उनके साथ बड़ी अप्रिय घटना घटित हो सकती थी। बाघ उन पर हमला कर सकता था किन्तु लोगों की आहट मिलने पर वह स्कूल के पीछे झाडिय़ों की ओर चले गया। जिसके बाद वन विभाग को घटना की जानकारी दी गई। वहीं वन विभाग के द्वारा गस्त कर ग्रामीणजनों को अकेले स्कूल के पीछे एवं जंगल की ओर जाने से मना किया है। साथ ही जंगल से लगे ग्रामों के समीप बाघ की बार-बार दस्तक देने से ग्रामीणजन दशहत में जी रहे है। ग्रामीणजनों ने वन विभाग से गश्त कर बाघ को सुरक्षित पकडक़र घने जंगल की ओर छोडऩे की मांग की है।
शादी समारोहों के बीच बढ़ा खतरा
वर्तमान में वैवाहिक कार्यक्रमों का दौर जारी है। ऐसे में ग्रामीण देर रात तक एक गांव से दूसरे गांव आवागमन करते हैं। चिचगांव में भी शादियों के चलते देर रात तक लोगों की चहल-पहल बनी रहती है। हिंसक प्राणी की मौजूदगी ने इस उत्सव के माहौल को डर में बदल दिया है। ग्रामीणों को डर है कि अंधेरे में किसी भी समय बाघ हमला कर सकता है, जिससे कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। गौरतलब है कि सोनेवानी वन्यजीव अनुभव क्षेत्र अब वन्य प्राणियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन चुका है। वन क्षेत्र से सटे होने के कारण इन गांवों में जंगली जानवरों का आना अब एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है। हालांकि, रिहायशी इलाकों के भीतर बाघ का इस तरह पहुंचना सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करता है। जबकि पूर्व में वन्यप्राणी बाघ ने दर्जनों मवेशियों का शिकार कर चुका है और गर्मी के दिनों में गांव के नजदीक दस्तक देने के बाद किसी भी समय बडे हादसे को अंजाम दे सकता है इसलिए वन विभाग को गश्ती बढ़ाकर उसे घने जंगल की ओर खदेडऩा चाहिए। वहीं वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बीती रात्रि में चिचगांव के हाई स्कूल के समीप बाघ को देखा गया है। जिसके बाद वह घने जंगल की ओर चले गया। वहीं चिचगांव ग्राम जंगल से लगा हुआ है, विचरण करते हुए स्कूल के समीप बाघ पहुंच गया होगा लेकिन वर्तमान में उक्त स्थान में उसका मूवमेंट नही है वह घने जंगल की ओर चले गया है। घबराने की कोई बात नही है।
दूरभाष पर चर्चा में दक्षिण सामान्य वन मंडल लालबर्रा रेंजर श्रीमती सीता भलावी ने बताया कि सोनेवानी वन्यजीव परिक्षेत्र से लगे ग्राम चिचगांव स्थित है, बीती रात्रि में स्कूल के समीप बाघ को विचरण करते हुए देखा गया है। जिसकी जानकारी मिलने के बाद उस क्षेत्र में गश्त की गई किन्तु वह दिखाई नही दिया, घने जंगल की ओर चले गया है। लेकिन ग्रामीणजनों से अपील है कि अकेले जंगल एवं खेत की ओर न जाये।










































