नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर रक्षा विशेषज्ञ डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने एक ऐसा दावा किया है जिसे जानकर दुनिया की राजनीति में फिर से भूचाल मच सकता है। ब्रह्मा चेलानी ने दावा करते हुए कहा है कि ईरान युद्ध में ट्रंप की करारी हार ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब ट्रंप क्यूबा में वेनेजुएला जैसी सत्ता परिवर्तन की रणनीति अपनाकर अपनी तानाशाही छवि को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, जैसा कि 94 वर्षीय राउल कास्त्रो पर लगे अभियोग से स्पष्ट होता है।
उन्होंने कहा कि जनवरी के अंत से क्यूबा की नौसैनिक नाकाबंदी के कारण वहां पहले से ही गंभीर मानवीय संकट पैदा हो चुका है, यहां तक कि द्वीप के 1 करोड़ लोगों में भुखमरी भी फैल रही है। फिर भी दुनिया इस ओर से मुंह मोड़ रही है।
अमेरिका और क्यूबा में तनाव का कारण
- अमेरिका ने फरवरी 2026 से क्यूबा जाने वाले तेल टैंकरों पर रोक लगा रखी है, जिससे क्यूबा में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है।
- वहीं, फ्लोरिडा की एक ग्रैंड जूरी ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर 1996 में दो अमेरिकी नागरिक विमानों को मार गिराने के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
- इसके अलावा कैरेबियन सागर में अमेरिकी युद्धपोतों की एंट्री और ड्रोन निगरानी के कारण अमेरिका और क्यूबा के बीच सैन्य संघर्ष की आशंकाएं भी बढ़ गई हैं।
चीन को अब समकक्ष महाशक्ति के रूप में देख रहा अमेरिका: ब्रह्मा चेलानी
वहीं, डॉक्टर ब्रह्मा चेलानी ने एक और पोस्ट में लिखा कि अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े निरंकुश राज्य को अब एक चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि एक समकक्ष महाशक्ति के रूप में देखता है, जिसके सहयोग की अमेरिका को अब तत्काल आवश्यकता है। जापान जैसे देशों के लिए, गहरा डर अब केवल बढ़ते चीन का नहीं, बल्कि उससे टकराव करने के लिए कम इच्छुक होते अमेरिका का है।








































