नई दिल्ली: वैश्विक बाजार (International Market) में कच्चा तेल (Crude Oil) लगातार सस्ता हो रहा है। लेकिन भारत में पेट्रोल-डीजल बेचने वाली सरकारी तेल कंपनियां (Oil Marketing Companies) ने आज यानी शनिवार, 30 मई 2026, को दाम में कोई बदलाव नहीं किया। मतलब कि बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम जस के तस हैं। इससे पहले बीते सोमवार यानी 25 मई 2026 को पेट्रोल की कीमतों में 2.61 रुपये और डीजल की कीमतों में 2.71 रुपये की बढेातरी की गई थी। इन कंपनियों ने दिल्ली में 11 दिनों में ही प्रति लीटर पेट्रोल 7.35 रुपये तो डीजल 7.82 रुपये महंगा कर चुके हैं।
कंपनियों को हो रहा है घाटा?
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले बताया था कि सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। लेकिन चार चरणों में दाम बढ़ाने के बाद यह घट गया है। कल ही मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि अब यह घाटा कम हो कर हर रोज करीब 750 करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि, पिछले साल इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने 77,821 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है।
11 दिनों में 4 बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव बीतने के बाद ही पेट्रोलियम कंपनियों ने 11 दिनों में चार बार दाम बढ़ा चुकी है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने सबसे पहले 15 मई 2026 को पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.29 पैसे महंगा किया था। इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे, 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे और 25 मई 2026 को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा किया था।










































