पहली बार कर रहे हैं निवेश, समझें डायवर्सिफकेशन का गणित, कौन सा एसेट देगा ग्रोथ और कौन सुरक्षा?

0

Investment Tips For Beginners : देश में बड़ी तादाद में ऐसे युवा हैं, तो बचत या निवेश को महत्व नहीं देते हैं। कई बार आधी-अधूरी जानकारी या दोस्तों की सलाह पर ऐसे एसेट्स में निवेश कर फंस जाते हैं, कि उनका फिर निवेश से मोह भंग हो जाता है। युवावस्था में जब जिम्मदारियां नहीं होती हैं और आय बढ़ रही होती है, तो निवेश और बचत बोरिंग और गैर-जरूरी चीज लगती है। लेकिन, पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों का अनुभव यही बताता है कि बचत आपकी एक्स्ट्रा इनकम है और निवेश इस एक्स्ट्रा इनकम से अमीर बनने का जरिया।

लिहाजा, अगर आप पहली बार बचत और निवेश के बारे में सोच रहे हैं, तो निवेश के उन सभी विकल्पों के बारे में जरूर जान लें, जो लॉन्ग टर्म के लिए आपके जीवन के बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिहाज से आपकी मदद करें। मिसाल के तौर पर अगर आपकी पहली बार नौकरी लगी है और आपका वेतन 50 हजार रुपये है। इस वेतन के आधार पर अगर आप 10 साल में 25-30 लाख रुपये का फंड जुटाना है, तो आपको किस तरह के एसेट में कितना निवेश करना चाहिए यह तय करने के लिए आपके पास शुरुआती जानकारी जरूरी है।

क्या है पहली सीढ़ी?

अगर आप भविष्य के बढ़े लक्ष्य लेकर चल रहे हैं और निवेश के जरिये उन्हें हासिल करना चाहते हैं, तो बचत असल में निवेश की पहली सीढ़ी है। यानी सबसे पहले आपको बचत पर ध्यान देना शुरू करना होगा। बचत की आदत बनने के बाद ही नियमित निवेश किया जा सकता है।बचत क्यों पर्याप्त नहीं?

अगर आपने बचत की आदत बना ली है। लेकिन, उस बचत से निवेश नहीं कर रहे हैं, तो यह समझदारी नहीं है। बचत की शुरुआत करने के बाद लॉन्ग टर्म बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आपको निवेश करना होगा। अगर आप बचत करते हुए अपने बैंक खाते में पैसा जमा कर रहे हैं, तो इस रकम से आपके लॉन्ग टर्म लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल होगा। लिहाजा, आपको अलग-अलग तरह के एसेट्स में निवेश करते हुए डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो बनाना होगा।

बचत बनाम निवेश का फर्क?

बचत का सीधा अर्थ है आप अपनी आय में से पैसे बचा रहे हैं। लेकिन, निवेश उस रणनीतिक योजना को कहा जाता है, जिसके तहत आप अपनी बचत की रकम को महंगाई से निपटते हुऐ ऐसे एसेट्स में डिप्लॉय करते हैं, जो आपके फ्यूचर के लिए फाइनेंशियल सिक्योरिटी देते हैं। जब आप बचत खाते में रकम को रखते हैं, तो बहां 2 से 3 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है। लेकिन, इसी दौरान अगर महंगाई 6-7 फीसदी बढ़ जाती है, तो आपकी बचत की वैल्यू रखे-रखे 3-4 फीसदी घट जाएगी। मसलन, आपने 1 लाख रुपये बचत खाते में रखे। एक साल में इस रकम पर 2 या 3 हजार रुपये ब्याज मिला, इस तरह कुल रकम 1 लाख 2 हजार या 1 लाख तीन हजार हो गई। लेकिन, अगर इस दौरान महंगाई 7 फीसदी बढ़ गई, तो आपकी रकम की असली कीमत 95-96 हजार रुपये ही रह जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here