बैल की तलाश में जंगल पहुंचा किसान- मादा भालू से हुई आमने सामने की भिड़ंत

0

15 मिनट तक मौत से जूझता रहा किसान

हाथ पैर नोचने के बाद शावकों को लेकर जंगल में भागा भालू

बालाघाट/
जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम धीरी में बुधवार की सुबह एक किसान की बहादुरी ने उसे मौत के मुंह से वापस लौटा दिया। जंगल में बैल की तलाश कर रहे किसान का अचानक दो शावकों के साथ मौजूद मादा भालू से सामना हो गया। अपने बच्चों को खतरा महसूस होते ही भालू ने किसान पर जानलेवा हमला बोल दिया। लेकिन किसान ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और करीब 15 मिनट तक भालू से संघर्ष करता रहा। आखिरकार भालू अपने दोनों शावकों को लेकर जंगल में भाग गया। हालांकि इस संघर्ष में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया घायल किसान बिदरुसिंह पिता खेलसिह टेकाम 53 वर्ष को जिला अस्पताल बालाघाट में भर्ती कराया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बिदरुसिंह टेकाम ग्राम धीरी निवासी खेती किसानी करते है। 22 जुलाई की सुबह बिदरुसिह जब घर से मवेशी निकाल रहा था। इसी दौरान एक बैल रस्सी छुड़ाकर जंगल की ओर भाग गया। बैल को पकड़ने के लिए बिदरुसिंह उसके पीछे पीछे जंगल में चला गया। गांव से करीब दो किलोमीटर दूर पहुंचते ही उसकी नजर अचानक दो शावकों के साथ मौजूद मादा भालू पर पड़ी। इससे पहले कि वह संभल पाता भालू ने उस पर हमला कर दिया।हमले के दौरान बिदरुसिह ने साहस का परिचय देते हुए भालू के अगले दोनों पैर पकड़ लिए। इसके बाद जंगल के बीच दोनों के बीच जानलेवा संघर्ष शुरू हो गया। भालू ने अपने पंजों और दांतों से बिदरु सिह पर लगातार हमले किए। बचाव के दौरान बिदरूसिह के दोनों हाथ भालू के जबड़ों में आ गए और पंजों से उसके हाथ पैर बुरी तरह जख्मी हो गए। जान बचाने के लिए उसने पास के एक पेड़ पर चढ़ने की कोशिश की लेकिन भालू ने उसका पैर पकड़कर नीचे गिरा दिया। इसके बाद भी बिदरूसिह संघर्ष करता रहा।करीब 15 मिनट तक चले इस संघर्ष के बाद अचानक भालू अपने दोनों शावकों को लेकर जंगल की ओर भाग गया। गंभीर रूप से घायल बिदरुसिह किसी तरह जंगल से बाहर निकला और गांव की ओर बढ़ा। रास्ते में ग्रामीणों ने उसे लहूलुहान हालत में देखा और तत्काल घर पहुंचाकर परिजनों को सूचना दी। परिजन घायल बिदरूसिह को गढ़ी के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बैहर अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बालाघाट रेफर किया गया। जिला अस्पताल में उसके हाथ पैर के गहरे घावों पर टांके लगाए हैं। बिदरूसिह को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है और उसका इलाज किया जा रहा है।घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला भी जिला अस्पताल पहुंचा और घायल बिदरूसिह कुछ राहत राशि भी प्रदान की है। गढ़ी वन परिक्षेत्र का अधिकांश इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और कान्हा नेशनल पार्क से लगा हुआ है। जंगल से लगे गांवों में भालू, तेंदुआ और अन्य वन्यप्राणियों की आवाजाही आम बात है। जिनसे मानव और वन्यप्राणी संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। पूर्व में भी इस क्षेत्र में वन्यप्राणियों के हमलों में कई लोग घायल हो चुके हैं। जबकि कुछ मामलों में जनहानि भी हुई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here