नई दिल्ली: सरकार ने लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के मकसद से एक नए संविधान संशोधन को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। इस प्रस्ताव पर सरकार के उच्च स्तरों पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है। प्रस्तावित कानून, जिसे संविधान (133वां संशोधन) बिल के तौर पर पेश किया जा सकता है, मोटे तौर पर विफल रहे संविधान (131वां संशोधन) बिल पर ही आधारित होगा।
लेकिन यह परिसीमन से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की कोशिश करेगा, क्योंकि इसमें यह सुझाव दिए जाने की संभावना है कि 1971 की जनगणना पर आधारित मौजूदा अंतर-राज्यीय सीट अनुपात में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, राज्यों के भीतर चुनाव क्षेत्रों की सीमाएं 2011 की जनगणना के आधार पर फिर से तय की जा सकती हैं।










































