बस स्टैंड में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव,शिनाख्त में जुटी पुलिस

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पदमेश न्यूज, बालाघाट। नगर के प्रमुख और हमेशा व्यस्त रहने वाले बस स्टैंड परिसर में रविवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पेट्रोल पंप परिसर स्थित महावीर होटल के सामने एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा मिला। सुबह बस स्टैंड पहुंचे लोगों की नजर जब शव पर पड़ी तो देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना तत्काल डायल-112 और कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के दुकानदारों तथा मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। प्रथम दृष्टया मृतक की उम्र करीब 50 वर्ष बताई जा रही है।

शव मिलने से मचा हड़कंप
रविवार सुबह बस स्टैंड परिसर में रोजाना की तरह लोगों की आवाजाही शुरू हो चुकी थी। इसी दौरान पेट्रोल पंप परिसर में महावीर होटल के सामने एक व्यक्ति का शव दिखाई देने से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस और डायल-112 को दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को देखकर आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन किसी भी व्यक्ति ने मृतक को पहचानने की पुष्टि नहीं की।जिसपर पुलिस ने करीब 3घन्टे बाद,मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए पीएम के लिए शव को जिला अस्पताल पहुंचाया है।

एक घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस, लेकिन शव उठाने वाला कोई नहीं
घटना को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी एंबुलेंस की व्यवस्था को लेकर सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस द्वारा सूचना दिए जाने के बाद करीब एक घंटे बाद108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन एंबुलेंस में शव को उठाकर वाहन तक पहुंचाने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। शव को उठाने के लिए अन्य किसी प्रकार की सहायता नहीं मिलने के कारण एंबुलेंस शव लिए बगैर ही वापस लौट गई।

3 घण्टे बाद शव लेने आई एम्बुलेंस
इसके बाद डायल-112 के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों द्वारा 108 एंबुलेंस कंपनी के कार्यालय में लगातार फोन लगाकर शव ले जाने की सूचना दी जाती रही। बताया गया कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन घंटे का समय लग गया। अंततः एंबुलेंस के माध्यम से अज्ञात व्यक्ति के शव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

महज 500 मीटर दूर जिला अस्पताल, फिर भी तीन घंटे का इंतजार
इस पूरी घटना को लेकर मौके पर मौजूद लोगों में खासी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना था कि जिस स्थान पर शव मिला, वहां से जिला अस्पताल की दूरी महज करीब 500 मीटर है। इसके बावजूद शव को अस्पताल पहुंचाने में करीब तीन घंटे का समय लगना स्वास्थ्य और आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

लोगों का कहना था कि यदि किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो ऐसी स्थिति में शव को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाना प्रशासन और संबंधित व्यवस्था की जिम्मेदारी है। लेकिन यहां सूचना मिलने के बाद भी एंबुलेंस व्यवस्था में समन्वय का अभाव दिखाई दिया। पहले एंबुलेंस आने में समय लगा और जब एंबुलेंस पहुंची तो शव उठाने के लिए कर्मचारी नहीं था। इसके बाद दोबारा व्यवस्था होने में भी काफी समय लग गया।

काले बैग से भी नहीं खुला मृतक की पहचान का राज
उधर, कोतवाली पुलिस द्वारा मृतक की पहचान के लिए आसपास के दुकानदारों और बस स्टैंड परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस को मृतक के पास से एक काले रंग का बैग मिला है। बैग के अंदर कुछ कपड़े और कागजात भी मिले हैं। पुलिस ने इन सामग्रियों की जांच की, लेकिन फिलहाल उनसे मृतक की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।

मौत कब और कैसे हुई, जांच का विषय
उधर करीब 50 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति की मौत स्वाभाविक है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अब मृतक की पहचान के साथ-साथ उसकी मौत के कारणों का भी पता लगाने में जुटी है।

सभी थानों को भेजा गया रेडियो मैसेज
कोतवाली पुलिस के अनुसार मृतक की शिनाख्त के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। मृतक के पास मिले बैग, कपड़े और कागजात की जांच के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा मृतक की पहचान के लिए जिले के सभी थानों को रेडियो मैसेज (आरएम) भेजा गया है, ताकि यदि किसी थाने में किसी व्यक्ति की गुमशुदगी दर्ज हो तो उसका मिलान किया जा सके।पुलिस के अनुसार फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। शिनाख्त होने के बाद ही उसके बारे में विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।

व्यवस्था पर उठे सवाल
बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले स्थान पर अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने और उसके बाद शव को अस्पताल पहुंचाने में करीब तीन घंटे लगने की घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जिला अस्पताल घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर है, तब भी शव को अस्पताल पहुंचाने में इतना लंबा समय क्यों लगा? वहीं, मौके पर पहुंची एंबुलेंस में शव उठाने की व्यवस्था नहीं होने से भी लोगों ने नाराजगी जताई। अब देखना यह है कि पुलिस अज्ञात व्यक्ति की पहचान कितनी जल्दी कर पाती है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उसकी मौत की असली वजह क्या सामने आती है।

बैग में नागपुर नांदेड़ के मिले कागज, नाम लिखा था रवि
मृतक के पास से एक बैग मिला है। जिसकी तलाशी लेने पर, उसके बैग में एक डॉक्टर का पर्चा मिला है। जो नागपुर, नादेड़ का बताया जा रहा है। जिसमें नाम रवि लिखा है। हालांकि यह उसी की पर्ची है या मृतक कोई और है, इसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि बस स्टैंड से दुकान के सामने सोए बुजुर्ग को जब जिला अस्पताल लाया गया, तो यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था

समय पर आती एम्बुलेंस तो जान बच सकती थी-जैन
स्थानीय दुकानदार प्रदीप कुमार जैन ने बताया कि काफी समय तक बुजुर्ग की सांसे चल रही थी लेकिन समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंची। बस स्टैंड में दुकानदार और लोग, उसकी सांसे चलने के बावजूद, उसे
समय पर पास ही जिला अस्पताल ना ले जाकर, एम्बुलेंस का इंतजार करते रहे। समय रहते, बुजुर्ग को अस्पताल ले जा लिया जाता तो संभवतः उसकी जान बच सकती थी।

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