नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मोरक्को टीम ने अपना नाम इतिहास से सुनहरे पन्नों में दर्ज कर दिया है। 39 मुकाबलों में अविजित रह कर उन्होंने इटली की 37 और अर्जेंटीना की 36 मैच जीतने की स्ट्रीक को पछाड़ दिया है। मोरक्को ने 4 साल पहले सेमीफाइमल में जगह बनाकर आहट दे दी थी कि अब वे बड़ी टीमों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।
मोरक्को ने दिग्गज टीमों के पछाड़ा
इटली और अर्जेंटीना की स्ट्रूीक से आगे निकलना कोई आम बात नहीं है। यह दोनों टीमें सालों से फुटबॉल की सुपर पावर हैं। इटली की 37 मैचों की अपराजित स्ट्रीक को कभी आधुनिक फुटबॉल में मिसाल माना जाता था। जबकि अर्जेंटीना की 36 मैचों की लगातार जीत उनके विश्व कप विजेता अभियान की मजबूत वजह बनी थी। अब मोरक्को इन दोनों देशों से आगे निकल चुका है और यह साबित कर रहा है कि फुटबॉल में अमोरक्को की सफलता की नींव
मोरक्को की इस उपलब्धि का केंद्र ऐसी डिफेंस टीम है जिसने आधुनिक फुटबॉल में मजबूती और धैर्य की नई परिभाषा गढ़ी है। कतर में आयोजित 2022 फीफा विश्व कप से लेकर अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में चल रहे 2026 मुकाबलों तकएटलस लायंस ने अपनी सफलता की नींव अनुशासन और संगठन से रखी है।
अशरफ हकीमी, नायेफ अगुएर्द और गोलकीपर यासीन बूनू जैसे प्रमुख खिलाड़ियों के नेतृत्व में मोरक्को का डिफेंस मौजूदा समय में फुटबॉल की सबसे भरोसेमंद इकाइयों में से एक बन गई है। वालिद रेग्रागुई के मार्गदर्शन में मोरक्को की पहचान पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। यह ऐसी टीम है जो दबाव और कठिन परिस्थितियों को झेल सकती है।










































