मां की डांट से नाराज होकर भिलाई से भागा १४ वर्षीय बालक वारासिवनी में मिला

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पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों को सकुशल सौंपा

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। घरेलू मनमुटाव और माता पिता की सामान्य डांट फटकार के बाद आवेश में आकर घर छोडऩे वाले बच्चों से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के भिलाई से अपनी मां की डांट से आक्रोशित होकर बिना बताए घर से निकला एक १४ वर्षीय नाबालिग बालक ट्रेन के माध्यम से सफ र करते हुए मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के वारासिवनी रेलवे स्टेशन पहुंच गया। स्थानीय नागरिकों की सजगता और वारासिवनी पुलिस की त्वरित व कार्यवाही के चलते बालक को सुरक्षित दस्तयाब कर उसकी मां को सौंप दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालक की पहचान आर्यन वाल्दे पिता महेन्द्र वाल्दे उम्र १४ वर्ष निवासी भिलाई पावर हाउस कैम्प २ भिलाई छत्तीसगढ़ के रूप में की गई है। आर्यन १२ जुलाई को अपनी मां की डांट से नाराज होकर अचानक घर से लापता हो गया था। परिजन छत्तीसगढ़ में उसकी हर जगह तलाश कर रहे थे लेकिन आवेश में आकर बालक ट्रेन में बैठ गया और वारासिवनी तक आ पहुंचा। १३ जुलाई को वारासिवनी रेलवे स्टेशन पर एक अज्ञात और अकेले बालक को संदिग्ध स्थिति में घूमता देख स्थानीय नागरिकों को संदेह हुआ। बालक काफी घबराया हुआ था नगर वासियों ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए तत्काल इसकी सूचना स्थानीय वारासिवनी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही वारासिवनी थाना प्रभारी के कुशल निर्देशन में पुलिस टीम तुरंत रेलवे स्टेशन पहुंची और बालक को अपनी सुरक्षा में लेकर थाने आई। पुलिस कर्मियों ने जब बालक को पुचकारा और आत्मीयता से पूछताछ की तब उसने बताया कि वह मां की डांट के कारण आक्रोश में आकर घर से भाग आया था। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए बालक के बताए पते और परिजनों से संपर्क साधा और उसकी मां श्रीमती जया पति महेन्द्र वाल्दे को बालक के सुरक्षित होने की सूचना दी। बेटे के मिलने की खबर पाकर परिजन तुरंत वारासिवनी पहुंचे। जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने बालक आर्यन को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। अपने जिगर के टुकड़े को सकुशल वापस पाकर मां की आंखें छलक आईं और उन्होंने वारासिवनी पुलिस व नगर वासियों का दिल से आभार व्यक्त किया। इस त्वरित और सफ ल दस्तयाबी में थाना प्रभारी अनूप कुमार उइके ,प्रधान आरक्षक रामप्रसाद भराने ,जावेद खान एवं भानू बसेने का सराहनीय योगदान रहा। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि बच्चों के मनोविज्ञान को समझें और उनके साथ संवेदनशील व्यवहार करें। साथ ही किसी भी स्टेशन या सार्वजनिक स्थान पर यदि कोई बच्चा अकेला या भटकता हुआ दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके।
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