जिले की रूपझर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। लगभग 10 वर्षों से फरार चल रहे स्थाई वारंटी आरोपी भक्तु पिता जगलु बैगा 48 ग्राम नारंगी थाना रूपझर निवासी को पुलिस ने ग्राम लगमा से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। स्थाई वारंटी को बैहर न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में बैहर जेल भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में भक्तु बैगा सहित सात आरोपियों के विरुद्ध वन परिक्षेत्र परियोजना परिक्षेत्र उकवा में वन्यजीवों के अवैध शिकार के आरोप में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 3, 39, 51 एवं 52 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। इस मामले में छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।जबकि भक्तु घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।यह प्रकरण बैहर न्यायालय में आपराधिक प्रकरण क्रमांक 873/2016 के रूप में विचाराधीन है। आरोपी की लगातार तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी बैहर के न्यायालय से उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया गया था।पुलिस जांच में सामने आया कि फरारी के दौरान भक्तु शहरों में मजदूरी कर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था और लगातार पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा। हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि वह अपने गांव नारंगी क्षेत्र में आया है। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर निगरानी शुरू की।21 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली कि भक्तु ग्राम लगमा में मौजूद है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कामेश धूमकेती के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तत्काल ग्राम लगमा पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को बिना किसी प्रतिरोध के गिरफ्तार कर लिया गिरफ्तारी के बाद भक्तु को विधिवत बैहर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में बैहर जेल भेजने के आदेश दिए।रूपझर पुलिस की इस कार्रवाई को लंबे समय से लंबित प्रकरण में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और न्यायालय से जारी वारंटों का त्वरित पालन सुनिश्चित किया जाएगा।










































