पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय स्थित जनपद पंचायत कार्यालय के ठीक सामने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा लगभग ४० से ४५ वर्ष पूर्व निर्मित शासकीय आवासीय भवन (क्वाटर) इन दिनों अत्यंत जीर्ण-शीर्ण एवं जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। समय-समय पर उचित देख-रेख और मरम्मत न होने के कारण भवन की दीवारों में भारी दरारें आ चुकी हैं तथा कई कमरे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जर्जर भवन की दीवारें मुख्य सडक़ की ओर झुक गई हैं, जिससे कभी भी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से जनहित में इस खतरनाक भवन को तत्काल डिस्मेंटल (ध्वस्त) करने की मांग की है।
जनपद मुख्य द्वार और विद्युत पोल के पास खतरा
आपकों बता दे कि जनपद पंचायत कार्यालय के सामने पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा विगत ४० से ४५ वर्ष पूर्व राजस्व विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारियों के रहने के लिए लाखों रूपयों की लागत से शासकीय आवासीय भवन (क्वाटर) का निर्माण किया गया था परन्तु देख-रेख के अभाव में भवन जीर्णशीर्ण होने के साथ ही दीवारों में दरारे आ चुकी है और तेज बारिश होने के कारण पानी का रिसाव भी हो रहा है। साथ ही दरवाजे, खिडक़ी एवं सडन भी सड़ चुके है जो किसी भी समय क्षतिग्रस्त हो सकता है। वहीं प्रशासन के द्वारा ४० से ४५ वर्ष पूर्व बने शासकीय भवन की देख-रेख करने के साथ ही मरम्मत कार्य समय-समय पर करवाते रहते तो भवन जीर्णशीर्ण नही होता परन्तु भवन की ओर विशेष ध्यान नही देने के कारण वर्तमान में भवन की स्थिति जीर्णशीर्ण एवं जर्जर हो चुकी है जो किसी भी समय क्षतिग्रस्त हो सकती है। साथ ही जीर्णशीर्ण भवन के सामने जनपद पंचायत कार्यालय है जहां रोजाना जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी भी आते है परन्तु उनके द्वारा भी जीर्णशीर्ण हो चुके शासकीय आवासीय भवन की ओर ध्यान नही दिया जा रहा है।
इस तरह से पीडब्ल्यूडी विभाग की उदासीनता से कभी भी बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है क्योंकि जीर्णशीर्ण भवन जर्जर स्थिति में हैै और भवन का झुकाव रोड़ की ओर अधिक है। अगर भवन धराशायी होकर रोड़ की ओर गिरता है तो बहुत बड़ा हादसा घटित होने की संभावना बनी हुई है। वहीं इस जर्जर भवन के ठीक सामने जनपद पंचायत का मुख्य प्रवेश द्वार है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और शासकीय कर्मचारी आवाजाही करते हैं। भवन से सटकर ही विद्युत पोल और तार गुजरे हुए हैं, जिनसे आसपास के घरों में विद्युत कनेक्शन दिये गये हैं। यदि यह भवन अचानक धराशायी होकर सडक़ की ओर गिरता है, तो राहगीर एवं आने-जाने वाले इसकी चपेट में आने के साथ-साथ विद्युत व्यवस्था भी पूरी तरह ठप हो जायेगी, जिससे गंभीर जन-धन की हानि हो सकती है। वहीं स्थानीयजनों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग और संबंधित अधिकारियों को इस जर्जर भवन के संबंध में बार-बार अवगत करवाया जा चुका है, किंतु विभाग की उदासीनता के चलते इसे अब तक नहीं हटाया गया। देख-रेख के अभाव में बारिश के दिनों में छत से पानी का रिसाव हो रहा है तथा दरवाजे व खिड़कियां सड़ चुके हैं। वहीं लंबे समय से इस जीर्णशीर्ण भवन को डिस्मेंटल करने की मांग कर रहे है लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा उसे डिस्मेंटल नही किया जा रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीयजनों ने शासन-प्रशासन से शासकीय आवासीय जीर्णशीर्ण भवन को जल्द डिस्मेंटल करने की मांग की है।
पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रभारी एसडीओं अरूणा सिरसाम से दूरभाष पर जनपद पंचायत कार्यालय के सामने शासकीय आवासीय भवन जो जीर्णशीर्ण हो चुका है उसे डिस्मेंटल करने के संबंध में चर्चा करने का प्रयास किया गया किन्तु संपर्क नही हो पाया।










































