गुरुवार को राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत विपक्ष के बड़े नेताओं ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब NEET पेपर लीक मामले पर बहस की मांग को लेकर सदन की कार्यवाही में बार-बार रुकावट आ रही थी। विपक्ष का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए देशभर में छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को कहा कि सभी विपक्षी दलों ने तय किया है कि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले किसी भी चर्चा में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, ‘हमने स्पीकर ओम बिरला को इस बारे में बता दिया है।’
‘शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बिना कोई चर्चा नहीं’
स्पीकर से बातचीत में विपक्ष के नेताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बिना कोई चर्चा नहीं हो सकती। सभी विपक्षी दलों ने यह रुख अपनाने का फैसला किया है कि मंत्री के इस्तीफे के बिना कोई चर्चा नहीं होगी। यह बात लोकसभा अध्यक्ष को भी बता दी गई है। DMK और AAP को छोड़कर सभी विपक्षी दल लोकसभा अध्यक्ष के साथ हुई बैठक में शामिल हुए। विपक्षी दलों ने अध्यक्ष से कल्याण बनर्जी का निलंबन रद्द करने की मांग भी की।
‘सरकार बहस के लिए तैयार है’
इस बैठक में TMC नेता सौगत रॉय और महुआ मोइत्रा भी मौजूद थे। प्रश्नकाल के दौरान, बिरला ने विपक्ष के नेताओं से चर्चा की अवधि और तारीख पर बात करने के लिए उनसे मिलने को कहा था। उन्होंने कहा कि सरकार बहस के लिए तैयार है, और वह विपक्ष के सुझाव के अनुसार सदन के नियमों के तहत इसकी अनुमति देंगे।










































